छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने महासमुंद के जिला अस्पताल और सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर मरीजों की सुविधाओं, सफाई, सुरक्षा और महिला अपराध मामलों की जांच की। उन्होंने पीड़ित महिलाओं से महिला आयोग में शिकायत दर्ज कर निशुल्क न्याय प्राप्त करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य और अधिवक्ता दीपिका शोरी ने आज महासमुंद जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल और सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान दीपिका ने प्रत्येक वार्ड का दौरा कर मरीजों से उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता और अस्पताल कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में मरीजों और उनके परिजनों से जानकारी ली।
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उन्होंने अस्पताल के संयुक्त संचालक डॉ. बसन्त महेश्वरी को महिला वार्डों में सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डॉ. महेश्वरी ने बताया कि अस्पताल में 35 सफाई कर्मचारी और 40 सुरक्षा कर्मी (महिला और पुरुष) हैं, जो 24 घंटे वार्डों की निगरानी करते हैं। दीपिका ने अस्पताल प्रबंधन से उनकी समस्याओं के बारे में भी चर्चा की और स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इनके समाधान के लिए बात करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद, दीपिका ने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और वहां के दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने सेंटर के प्रभारी को महिला अपराध से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को महिला आयोग के रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय भेजने के निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को बेझिझक महिला आयोग के सामने रखें।
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महिला आयोग से सरल, सुगम और निशुल्क न्याय: शोरी
दीपिका ने कहा, 'महिला आयोग पीड़ित महिलाओं के लिए सहज, सरल और निःशुल्क न्याय का एकमात्र स्थान है, जहां कम समय में उचित न्याय मिलता है। मैं छत्तीसगढ़ की सभी पीड़ित महिलाओं से प्रेस के माध्यम से अपील करती हूं कि वे अपनी शिकायतें राज्य महिला आयोग में दर्ज कराएं और जल्द से जल्द न्याय प्राप्त करें।'
निरीक्षण के दौरान उनके साथ भाजयुमो जिलाध्यक्ष जशराज बाला चंद्राकर, जिला महामंत्री अमन वर्मा, जिला मंत्री दुर्गा शंकर दुबे, मंडल अध्यक्ष नंदू जलक्षत्री, महामंत्री हीरा साहू, उपाध्यक्ष आकाश पांडे, कोषाध्यक्ष अभिषेक पांडे, जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे, जिला अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा और सदस्य राजेश दीवान सहित अन्य कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।