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दीपक बैज बोले: दीपावली से पहले किसानों को 6000 करोड़ दें सरकार, धान की कीमत ₹3358 प्रति क्विंटल करने की मांग

Wed, 28 Oct 2026 06:03 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 3358 के भाव से धान का भुगतान करें। दीपावली से पहले छह हजार करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया जाये। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों साय मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि किसानों को इस वर्ष धान खरीदी में मिलने वाली आदान सहायता एकड़ के हिसाब से गणना करके दी जायेगी।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते पीसीसी चीफ दीपक बैज - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 3358 के भाव से धान का भुगतान करें। दीपावली से पहले छह हजार करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया जाये। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों साय मंत्रिमंडल ने फैसला लिया कि किसानों को इस वर्ष धान खरीदी में मिलने वाली आदान सहायता एकड़ के हिसाब से गणना करके दी जायेगी। भाजपा ने चुनाव में वादा किया था कि किसान से 3100 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से धान खरीदेंगे। ऐसे में आदान सहायता नहीं एकमुश्त भुगतान दिया जाये। 

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रति एकड़ अदान सहायता का दावा सरासर झूठ है, किसान जितना धान बेचेगा उसी के अनुपात में अंतर राशि मिलेगी। रकबा समर्पण और फर्जी गिरदावरी करके कटौती अलग से की जायेगी। सरकार बताये कि क्विंटल का वादा प्रति एकड़ में क्यों बदला जा रहा?



एमएसपी वृद्धि किसानों का हक
बैज ने कहा कि वादे के अनुसार सरकार किसानों को धान की पूरी कीमत 3100+258 (जो तीन वर्ष में समर्थन मूल्य बढ़ा है) मिलाकर 3358 रुपये का भुगतान किया जाये। जब कांग्रेस की सरकार थी तथा धान का समर्थन मूल्य 2018-19 में 1750 रु था। हमारी सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2500 रु दिया था। 2023-24 में समर्थन मूल्य बढ़ा तो हमारी सरकार ने 140-160 रुपये बढ़ाकर 2640 रु प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी किया था। 2023-24 में धान का एमएसपी 2183 रुपए प्रति क्विंटल था, जिस पर राज्य सरकार 917 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आदान सहायता देती थी, 2024-25 में एमएसपी 2300 रुपए प्रति क्विंटल हुआ, राज्य सरकार का आदान सहायता घटकर 800 रुपए प्रति क्विंटल हुआ, 2025-26 में धान की एमएसपी 2369 प्रति क्विंटल हुआ, तो राज्य सरकार  का आदान सहायता घटाकर 731 रुपए प्रति क्विंटल कर दिए। 2026-27 में धान की एमएसपी बढ़कर 2441 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है, तो राज्य सरकार ने आदान सहायता राशि दोबारा घटाकर मात्र 659 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। आदान सहायता की राशि जो 2023-24 में 917 रुपए प्रति क्विंटल थी 258 रुपए की कमी हो गई है। 21 क्विंटल के मान से यह राशि 5418 रुपए प्रति एकड़ होती है। यह सी कटौती सीधे तौर पर किसानों के हक पर डकैती है।
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बैगा आदिवासी  बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा
कवर्धा में कुपोषण से बैगा आदिवासियों के बच्चों की मौतों पर सरकार को गंभीर सवाल करते हुए कहा कि वे आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया के साथ कवर्धा जिले के वनांचल क्षेत्र रेंगाखार के नंदनी कुमान गांव और बोडला उपस्वास्थ्य केंद्र गये थे। रेंगाखार वनांचल क्षेत्र में ग्राम नंदनी कुमान में पिछले दिनों कुपोषण और एनीमिया के कारण संरक्षित जनजाति बैगा समुदाय के पांच बच्चों की मौत हुई है। कुपोषण और एनीमिया से प्रभावित 13 बच्चे बोडला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती है। यही नहीं 10 से अधिक बच्चे जो कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित है। अभी गांव में ही हैं। वे इलाज के लिये स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं गये हैं। पूरा क्षेत्र ही कुपोषण, एनीमिया और डायरिया और मलेरिया से पीड़ित है।



'पीने का साफ पानी नहीं'
यहां पिछले साल भी मलेरिया और डायरिया से बैगा जनजाति के लोगों की मौत हुई थी। नंदिनी कुमान और आसपास के गांव में आज भी पीने का साफ पानी नहीं है। मलेरिया से पिछले साल मौतों के बाद भी सरकार ने इलाके में न मलेरिया से, डायरिया से बचाव के लिए कोई अभियान नहीं चलाया, मेडिकेरेट मच्छरदानी नहीं बांटी गयी। पीएम मोदी  टीकाकरण की बड़ी-बड़ी बात करते हैं, लेकिन इस इलाके में टीकाकरण सही ढंग से नहीं हुआ है। वहां बच्चे खसरे की बीमारी से पीड़ित हैं। इतनी भयानक त्रासदी के बाद भी इस क्षेत्र में आज तक कोई भी प्रशासन का बड़ा अधिकारी, भाजपा सरकार का मंत्री वहां नहीं पहुंचा है। सुपोषण अभियान केवल कागजों और विज्ञापनों में सिमट गया है। यह क्षेत्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का निर्वाचन क्षेत्र है। बैगा संरक्षित जनजाति के लिए सरकार की विशेष योजनाएं है, उसके बाद भी यदि बैगा समुदाय के बच्चे कुपोषण का शिकार हो कर मौत के मुंह में समा रहे।



डायरिया से हो रही मौत शर्मनाक
बैगा समुदाय के नागरिकों की मलेरिया, डायरिया से मौत हो रही तो यह शर्मनाक है। आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के लिए भी आत्मचिंतन का विषय है कि उनके मुख्यमंत्री होने का फायदा आदिवासी समाज को क्या मिला? राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी तो सरकार ने अभियान चलाकर प्रदेश को कुपोषण से मुक्ति दिलाया था। डायरिया, मलेरिया से मौतों पर विराम लगा था, लेकिन 3 साल के भाजपा के राज में फिर वही हालात बन गये हैं। जिन बच्चों की कुपोषण से मौत हुई है। उनके परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाये। जो बच्चे कुपोषण के शिकार है और अभी गांव में है उनके इलाज, देखभाल के लिए गांव में ही कुपोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) खोला जाये।


कांग्रेस की मांगें

  • किसानों को एकमुश्त धान का भुगतान 3358 के भाव से किया जाये।सभी ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान केन्द्र खोलकर धान बेचने के तुरंत बाद भुगतान किया जाये।
  • जिस भी किसान ने पंजीयन कराया है, उससे पूरे रकबे की 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी हो।
  • जबरिया रकबा समर्पण बंद कराया जाये। फर्जी गिरदावरी के आधार पर लिमिट कम करना बंद करें।
  • धान खरीदी की तिथि 15 नवंबर से घोषित है। दीपावली का त्योहार उसके एक हफ्ता पहले है। पंजीकृत किसानों को अग्रिम भुगतान किया जाये, ताकि किसान दीपावली मना सके।
  • पिछला बकाया राशि 170 + बकाया एमएसपी वृद्धि 4366 कुल मिलाकर 6066 करोड़ दीपावली के पहले किया जाये।


दिल्ली में एक नवंबर को वोट बचाओ रैली 
बैज ने कहा कि एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली रामलीला मैदान में आयोजित है। इस रैली में छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ से सभी जिलों के कार्यकर्ता ट्रेन, बसों, वायुमार्ग और निजी वाहनों में दिल्ली रवाना होंगे। समूचे देश से 10 लाख से अधिक लोग पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेने दिल्ली के रामलीला मैदान में कूच करेंगे। छत्तीसगढ़ का हर नेता कार्यकर्ता, पदाधिकारी दिल्ली पहुंचेंगे। 

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