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Dantewada Attack : 12 नक्सलियों के खिलाफ इन धाराओं में मुकदमा दर्ज, सुरक्षाबलों का सर्च अभियान जारी

Sat, 29 Apr 2023 03:01 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दंतेवाड़ा

सार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा नक्सली मामले में 12 नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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दंतेवाड़ा में हुआ था नक्सली हमला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा के अरनपुर गांव में बीती 26 अप्रैल को हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में 12 नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अरनपुर ब्लास्ट मामले में 12 नक्सलियों और अन्य के खिलाफ भी नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।  बस्तर पुलिस ने इसकी जानकारी साझा की है। वहीं दो नक्सलियों के गिरफ्तार किये जाने की भी पुष्टि हुई है। दरभा डिवीजन कमेटी के माओवादी कैडर जगदीश, लख्खे, लिंगे, सोमडू, महेश, हिड़मा, उमेश, देवे, नंद कुमार, लखमा, कोसा, मुकेश और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दूसरी ओर छत्तीसघड़ पुलिस ने कहा है कि नक्सलियों ने आईईडी दो माह पहले ही लगा दिया थ। 

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इन धाराओं में नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि बीती 25 अप्रैल को रात के समय डीआरजी दंतेवाड़ा और सीएएफ कैम्प नहाड़ी का संयुक्त बल थाना अरनपुर क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति होने की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुआ था। अगले ही दिन 26 अप्रैल को सुबह साढ़े 6 बजे पुलिस और नक्सलियों मुठभेड़ हुई। घटना स्थल पर सर्च अभियान के दौरान 2 संदिग्ध माओवादी पकड़े गए। इन माओवादियों के पास से घटना स्थल से पिट्ठू, नक्सल साहित्य और अन्य चीजे बरामद हुईं। पुलिस ने अरनपुर मामले में धारा 147,148,149,307 भादवि. 25,27 आर्म्स एक्ट 13(1), 38(2), 39(2) यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मुठभेड़ में एक माओवादी घायल हुआ था। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। घटना के बाद 3 गाड़ियां थाना अरनपुर से रवाना हुई थी। माओवादियों द्वारा पूर्व से घात लगाकर डीआरजी टीम की एक गाड़ी को थाना अरनपुर से 2 किलोमीटर पहले पेड़का चौक पर आईईडी ब्लास्ट किया। फायरिंग भी की गई। 

हमले के बाद सुरक्षाबलों का सर्च अभियान जारी
बता दें कि इस घटना के बाद से ही पुलिस और सीआरपीएफ का सर्च अभियान जारी है। दंतेवाड़ा के अरनपुर गांव के पास 26 अप्रैल को नक्सली हमला हुआ था। जहां डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दस जवान शहीद हो गए थे और एक बस ड्राइवर भी मर गया था। सड़क किनारे आईईडी के ऊपर से जैसे ही गाड़ी गुजरी तो वहां ब्लास्ट हो गया। इस हमले की सभी नेताओं ने कड़ी निंदा की थी। नक्सलियों ने अपने पत्र में डीआरजी जैसी बहादुर फोर्स को गुंडा कहा है। डीआरजी में भर्ती के लिए योग्यताएं और मापदंड बदल दिए गए हैं। अब सिर्फ शिकार करने में माहिर लोगों को ही डीआरजी में भर्ती किया जाता है। 
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दंतेवाड़ा : नक्सलियों ने दो माह पहले ही लगा दिया था आईईडी
छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि दंतेवाड़ा में हुए शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को नक्सलियों ने कम से कम दो महीने पहले लगाया था। बुधवार को हमले से एक दिन पहले किए गए बारूदी सुरंगे हटाने के अभ्यास के दौरान भी विस्फोटक का पता नहीं चला।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि मिट्टी की उस परत पर घास उगी हुई थी, जिसके नीचे विस्फोटक से जुड़े तार को छुपाया गया था। ऐसा लगता है कि सड़क के किनारे से सुरंग खोदकर इसे सड़क के नीचे 3 से 4 फीट नीचे रखा गया था। विस्फोटकों का पता लगाने के लिए अभ्यास किया गया था, लेकिन आईईडी तब नहीं मिला। 

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