बीजापुर जिले के संवेदनशील इलाकों चिन्नागेलुर और गुंडम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 153वीं वाहिनी द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। 5 जुलाई को चिन्नागेलुर और 6 जुलाई को गुंडम कैंप में संपन्न इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, बल्कि ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की सामग्री, शिक्षण संसाधन और खेलकूद की सामग्री भी वितरित की गई। आयोजन का नेतृत्व 153वीं बटालियन के कमांडेंट अमित कुमार के मार्गदर्शन में सहायक कमांडेंट वैध संकेत देवीदास, मेडिकल अधिकारी डॉ. अरविंद सटोरे तथा निरीक्षक ओमप्रकाश राठौर के नेतृत्व में किया गया।
ग्रामीणों की सेहत को प्राथमिकता
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता विशेष चिकित्सा शिविर रहा, जिसमें मलेरिया व अन्य संक्रामक रोगों की जांच की गई और सैकड़ों ग्रामीणों को आवश्यक दवाएं प्रदान की गईं। साथ ही स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता और पीने के सुरक्षित पानी की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
सामाजिक सहभागिता और जनसंपर्क की मिसाल
चिन्नागेलुर, तर्रेम, डोमनपारा, बड़ा तर्रेम, सरपंचपारा, मेटापारा, नदीपारा सहित कई गांवों से वृद्धजन, महिलाएं, बच्चे और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्हें कंबल, धोती, लुंगी, साड़ी, छाता, रेडियो जैसी जरूरी वस्तुएं प्रदान की गईं। वहीं, स्कूली बच्चों को कॉपी-पेन, फुटबॉल, क्रिकेट किट, वॉलीबॉल और साइकिलें वितरित की गईं।
सीआरपीएफ का संदेश 'शांति और विकास में भागीदारी जरूरी'
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट वैध संकेत देवीदास ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा सरकार इस क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा और जीवन-स्तर सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से सिविक एक्शन कार्यक्रम और मेडिकल कैम्प के जरिए ग्रामीणों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। सीआरपीएफ भविष्य में भी शांति और विकास के लिए इसी समर्पण भाव से कार्य करता रहेगा।
ग्रामीणों ने जताया आभार
कार्यक्रम की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने सीआरपीएफ और जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया और क्षेत्र में शांति बहाली व समग्र विकास में सहयोग करने का संकल्प दोहराया।