बस्तर के बासागुड़ा में सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल द्वारा अपने चार साथियों को गोलियों से भून देने के घटना के एक दिन बाद पुलिस ने आरोपी संत कुमार से पूछताछ की और पैरामिलिट्री फोर्स ने भी अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
सीआरपीएफ सूत्रों का कहना है कि दो जवानों के बीच हुए झगड़े में बीच-बचाव करने के दौरान तीन अधिकारी दुर्घटनावश गोलियों के शिकार हो गए होंगे। बीजापुर पुलिस ने सीआरपीएफ के आरोपी कॉन्स्टेबल संत कुमार के खिलाफ बासागुड़ा पुलिस थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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हत्या के पीछे आखिर क्या मकसद था। इस बात की पड़ताल और पूछताछ के लिए बस्तर रेंज के डीआईजी पी.सुंदर राज समेत आला अधिकारी बासागुड़ा पहुंच चुके हैं। सूत्रों ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए बताया है कि कॉन्स्टेबल संत कुमार की अधिकारियों से शिकायत करने के मामले में एक सब-इंस्पेक्टर के साथ विवाद चल रहा था।
हालांकि इस घटना के पीछे एक अन्य कारण यह भी बताई जा रही है कि संत कुमार ने छुट्टियां मांगी थी और जिससे विवाद पैदा हो गया। लेकिन सीआरपीएफ के अधिकारियों ने घटना की जांच के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि जांच के शुरुआती निष्कर्षों का खुलासा करना ठीक नहीं है।
वहीं गिरफ्तार कॉन्स्टेबल संत कुमार ने बसागुड़ा में एक टीवी चैनलों से बातचीत के दौरान दावा किया कि जिनकी मौत हुई है उन्होंने एक-दूसरे पर गोलियां चलाई थी। उसने ये भी दावा किया कि उसका हथियार उसके पास था और उसने किसी अन्य जवान का हथियार छूआ भी नहीं। उसका कहना है कि वो निर्दोष है और अधिकारियों ने उसे पकड़ कर उसके खिलाफ आरोप मढ़ दिए हैं। उसका दावा है कि गोलीकांड का सच छिपाया जा रहा है।
गौरतलब है कि बासागुड़ा के सीआरपीएफ कैंप के अंदर एक जवान ने अंधाधुंध गोलियां चलई जिससे चार जवानों की मौत हो गई। इस गोलीकांड में एसआई विक्की शर्मा निवासी जम्मू-कश्मीर, एसआई मेघ सिंह निवासी गुजरात, आरक्षक राजवीर सिंह निवासी राजस्थान व आरक्षक शंकर राव निवासी आंध्र प्रदेश की मौके पर ही मौत हो गई थी।