रायगढ़ जिले में जमीन विवाद को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही चचेरे भाई की धारदार टांगी से हत्या कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन विवाद को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही चचेरे भाई की धारदार टांगी से हत्या कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
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लैलूंगा थाना क्षेत्र के मसीह तिर्की ने 2 अगस्त को पुलिस को सूचना दी थी कि 1 अगस्त की शाम खेत में धान रोपाई का काम करने के बाद सभी लोग उसके घर भोजन करने आए थे। भोजन के बाद रात करीब 9 बजे मसीह तिर्की अपने परिवार के साथ सोने चला गया, जबकि मृतक ईरनीयुस तिर्की, उसकी पत्नी सुकांति तिर्की और आरोपी लेदाराम तिर्की (60 वर्ष) खाना खा रहे थे।
इसी दौरान जमीन विवाद को लेकर मृतक और आरोपी के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर लेदाराम तिर्की ने धारदार टांगी से ईरनीयुस तिर्की के सिर और चेहरे पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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अदालत का फैसला
घटना की जानकारी मिलते ही लैलूंगा पुलिस ने आरोपी लेदाराम तिर्की के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई उपरांत अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर उसे एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
परिजनों को क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने मृतक के परिजनों को एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने की अनुशंसा करते हुए इसकी सूचना विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ को दी है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।