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CG: गुम हुई गाय के चक्कर में ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Wed, 29 May 2024 10:58 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ में गुम हुई गाय के चक्कर में ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में माननीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माने से भी दंडित किया है।
 
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गुम हुई गाय के संबंध में पूछताछ करने पर बिफरे दो युवकों के द्वारा मिलकर एक ग्रामीण की डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने और महिला को गंभीर रूप से घायल करने के दो साल पुराने मामले में माननीय सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि सेसो कुमार यादव ड्राइवरी का काम करता है तथा अभियुक्त विभाष प्रजा हेल्पर है। दो अगस्त 2022 की दोपहर एक बजे अभियुक्तगण टंकी की ओर नहाने जा रहे थे, तभी मृतक बंशीधर यादव अभियुक्त सेसो कुमार से अपनी गाय के बारे में पूछा। इस दौरान सेसो कुमार यादव ने बताया कि वह उसकी गाय चोरी नहीं की है, एक्सीडेंट में मर गई है। इसके बाद सेसो कुमार यादव और बंशीधर यादव के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और फिर सेसो कुमार यादव और विभाष प्रजा ने मिलकर डंडे से बंशीधर यादव के सिर में हमला कर दिया। इस दौरान बीच बचाव करने आई इंदुमती को उन्होंने जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ भी मारपीट की।

मारपीट में घायल को 108 की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान बंशीधर यादव की मौत हो गई। इसके बाद प्रार्थी जीवर्धन यादव ने इस मामले की रिपोर्ट सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 323, 506, 34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
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उक्त मामले में सत्र न्यायाधीश के विद्वान न्यायाधीश अरविंद कुमार सिन्हा ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात इस मामले के दोनों आरोपियों को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 500-500 सौ रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया है। धारा 506 में दोनों को दोषमुक्त किया है। वहीं, धारा 325 में दोनों आरोपियों का दोष सिद्ध पाये जाने के बाद दोनों को एक-एक वर्ष सश्रम कारावास एवं पांच-पांच सौ जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक दीपक शर्मा ने पैरवी की।

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