कोरिया जिले के एसईसीएल की चरचा ईस्ट कॉलरी में कार्यरत माइनिंग सरदार और उनकी पत्नी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी की गई है। चरचा ओल्ड स्टाफ कॉलोनी के निवासी सुमित कुमार चखियार और उनकी पत्नी शुभ्रा साइबर जालसाजों के बिछाए जाल में फंस गए। पीड़ितों की शिकायत पर चरचा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का दिया झांसा
करीब छह माह पूर्व पीड़ित माइनिंग सरदार के मोबाइल फोन पर दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आए थे। बातचीत के दौरान आरोपियों ने स्वयं का नाम रंकज और सरदार मंजीत सिंह बताया। उन्होंने पीड़ितों को स्पोवा डॉट कॉम नामक वेबसाइट पर खाता खोलकर ऑनलाइन ट्रेडिंग करने का लालच दिया। जालसाजों ने टेलीग्राम, ई-मेल और फोन के माध्यम से पीड़ितों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने पीड़ितों को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के कारण तेल की कीमतें बढ़ेंगी। आरोपियों ने 5 लाख रुपये के निवेश पर उतना ही मुनाफा कराने का दावा किया। झांसे में आकर दंपती ने 6 अप्रैल को आरटीजीएस के माध्यम से 5 लाख रुपये महादेव कंस्ट्रक्शन के खाते में भेज दिए।
घाटे के बाद दोबारा कराया निवेश
रकम भेजने के बाद दंपती के ट्रेडिंग खाते में 4488 डॉलर की राशि प्रदर्शित हुई। एक सप्ताह के भीतर तेल की ट्रेडिंग में 16000 डॉलर का लाभ दिखाई दिया। जब दंपती ने ट्रेडिंग बंद कर अपनी राशि निकालने की बात कही तो जालसाजों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर दोबारा ट्रेडिंग कराई। गलत ट्रेड लगवाकर जालसाजों ने पूरे लाभ का नुकसान करा दिया। इस बात पर शुभ्रा और रंकज के बीच विवाद हुआ। कुछ दिन बाद सरदार मंजीत सिंह ने फोन कर बताया कि कंपनी ने रंकज को हटा दिया है। उसके कहने पर पीड़ितों ने 50 हजार रुपये का दोबारा निवेश किया, जिस पर एक सप्ताह में 70 हजार रुपये का लाभ दिखाया गया।
साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत
विश्वास में आकर दंपती ने 10 सितंबर को दो लाख रुपये और 11 सितंबर को दो लाख रुपये आरटीजीएस से भेजे। इसके अतिरिक्त एक लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से स्थानांतरित किए गए। इस बार भी उनके खाते में 4488 डॉलर दिखाए गए। आरोपियों ने सोने में ट्रेडिंग कराकर एक महीने के भीतर 9000 डॉलर का मुनाफा दिखाया। जब पीड़ितों ने रकम निकालने को कहा तो सरदार मंजीत सिंह ने फोन उठाना बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद चरचा थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई गई।