बालोद जिले में महिला बाल विकास विभाग की ही एक संविदा कर्मचारी पर पिछले 19 माह से योजना का अवैध लाभ लेने का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए योजना की राशि प्राप्त की और सरकारी खजाने को चूना लगाया।
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। बालोद जिले में महिला बाल विकास विभाग की ही एक संविदा कर्मचारी पर पिछले 19 माह से योजना का अवैध लाभ लेने का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए योजना की राशि प्राप्त की और सरकारी खजाने को चूना लगाया।
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मिली जानकारी के अनुसार, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में तृतीय वर्ग की संविदा कर्मचारी लक्ष्मी साहू (पति राजेंद्र साहू, निवासी वार्ड 18 बालोद) कार्यरत हैं। नियमों के अनुसार, कोई भी स्थायी या संविदा सरकारी कर्मचारी इस योजना का लाभ नहीं ले सकता, बावजूद इसके उन पर 19 माह तक राशि प्राप्त करने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कर्मचारी ने पता बदलकर यह लाभ उठाया और कलेक्टर से लिखित शिकायत भी की गई है।
विभाग की कार्यशैली पर सवाल
यह खुलासा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिला कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी की गतिविधियों से जिला अधिकारी अनजान रहे, जबकि पूरा मामला संरक्षण मिलने की ओर इशारा करता है। इससे पहले भी बालोद का महिला बाल विकास विभाग सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी और फरवरी में 30 दिन दिखाकर सामान खरीदी जैसे मामलों को लेकर विवादों में रहा है।
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अधिकारी ने कहा होगी कार्रवाई
जब इस मामले में जिला महिला बाल विकास अधिकारी समीर पांडे से चर्चा की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि इस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार की बहुचर्चित महतारी वंदन योजना को पलीता लगाने वाले कर्मचारी पर विभाग कितनी सख्ती से और कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।