कांग्रेस का कहना है कि 14 नवंबर को बैठक का आयोजन करके प्रशासन, बाल दिवस के कार्यक्रमों को प्रभावित करना चाहता है। पार्टी का मानना है कि विद्यालयों के प्रमुख प्राचार्यों की अनुपस्थिति में बाल दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सुचारू आयोजन संभव नहीं हो पाएगा।
बाल दिवस यानी 14 नवंबर के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा समस्त प्राचार्यों की बैठक आयोजित करने के निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी ने अनुविभागीय अधिकारी, कोंडागांव को ज्ञापन सौंपकर इस बैठक को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन की यह बैठक, जो पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर विद्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों को बाधित करेगी।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष बुधराम नेताम ने सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया कि 14 नवंबर को पूरे देश में स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती को बाल दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन विद्यालयों में बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हालांकि, जिला शिक्षा कार्यालय कोंडागांव द्वारा जारी पत्र में उसी दिन सभी प्राचार्यों की बैठक बुलाए जाने की सूचना दी गई है।
कांग्रेस का कहना है कि 14 नवंबर को बैठक का आयोजन करके प्रशासन, बाल दिवस के कार्यक्रमों को प्रभावित करना चाहता है। पार्टी का मानना है कि विद्यालयों के प्रमुख प्राचार्यों की अनुपस्थिति में बाल दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सुचारू आयोजन संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए, कांग्रेस ने मांग की है कि बैठक की तिथि को 14 नवंबर से बदलकर किसी अन्य दिन निर्धारित किया जाए, ताकि चाचा नेहरू की जयंती पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा सके।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बैठक को स्थगित नहीं किया गया, तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। इस आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से बाल दिवस कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने और नेहरू जयंती के आयोजनों को बिना किसी बाधा के संपन्न कराने की अपील की है।