भोपालपटनम ब्लॉक के कुचनूर गांव में स्थित कोरंडम खदान एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर खनिज संपदा की खुलेआम लूट का गंभीर आरोप लगाया है। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने बीजापुर के भाजपा नेता संजय लुंकड़ और रायपुर के कारोबारी कैलाश चंद्र अग्रवाल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इनके संरक्षण में खदान के आसपास पेड़ों की कटाई और साफ-सफाई का काम चल रहा है।
'खनन के नाम पर जंगलों का विनाश' – मंडावी
मंडावी ने आरोप लगाया कि वर्षों से बंद पड़ी कुचनूर की कोरंडम खदान को भाजपा के संरक्षण में अवैध रूप से पुनः शुरू करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जंगल में गुपचुप तरीके से पेड़ों की कटाई शुरू की गई है, जिसकी देखरेख भाजपा नेता संजय लुंकड़ कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने रायपुर के कारोबारी कैलाश चंद्र अग्रवाल को इस खदान की योजना का मुख्य सूत्रधार बताया, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे भाजपा से जुड़े हैं।
विक्रम मंडावी के सवाल
. क्या खदान को चालू करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय या ग्रामसभा से अनुमति ली गई है?
. खदान का ठेका किसे और क्यों आवंटित किया गया?
. हजारों पेड़ों की कटाई की अनुमति किसने दी?
. क्या पेसा कानून और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम का पालन किया गया?
कांग्रेस ने आंदोलन शुरू करने की घोषणा की
मंडावी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का मकसद आदिवासी हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा, 'अगर सरकार संजय लुंकड़ और कैलाश चंद्र अग्रवाल की भूमिका पर चुप्पी साधेगी तो जनता इसे उनकी मिलीभगत मानेगी।' भाजपा नेता संजय लुंकड़ ने इन आरोपों को 'झूठा और बेबुनियाद' बताते हुए खदान में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। वहीं, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि वह आदिवासियों के अधिकारों और जंगल की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगी।