नक्सलियों को मुख्य धारा में जोड़ने की मुहिम के तहत छत्तीसगढ़ पुलिस ने हाल ही में एक नक्सली जोड़े की धूमधाम से शादी कराई।
हालांकि अब इस पर विवाद शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जिस नक्सली जोड़े की शादी कराई है वह 2013 के जिरम घाटी में हुए हमले का दोषी है।
ये वही नक्सली हमला था जिसमें 31 लोगों की मौत हुई थी। इनमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल थे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता विपक्ष टीएस सिंहदेव ने पुलिस पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बस्तर जिला हेडक्वार्टर में कराई गई जिस नक्सली की शादी हुई है वह जिरम घाटी हमले का आरोपी है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता विपक्ष टीएस सिंहदेव ने इस कार्रवाई को नक्सलियों के लिए उपहार जैसा बताया है। साथ ही आगे कहा कि पुलिस और राज्य सरकार का ये रवैया गैरजिम्मेदाराना और बर्दाश्त के काबिल नहीं है।
सिंहदेव ने आगे कहा कि जिसने निर्दोष और निहत्थे लोगों को जिरम घाटी में अपना शिकार बनाया, आखिर उसके साथ कोई दया कैसे दिखा सकता है।
बता दें कि बस्तर के दरभा में नक्सलियों ने 25 मई, 2013 को जिरम घाटी हमले को अंजाम दिया। इस हमले में 31 लोगों की जान गई थी। जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल थे।
25 मई, 2013 में हुआ था जिरम घाटी नक्सली हमला
कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने इस मामले में बीजेपी पर भी निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े आतंकी हमले के आरोपी नक्सली के आत्मसमर्पण पर जिस तरह से उसकी शादी कराई जा रही है और उन्हें सरकारी नौकरी दी जा रही है, उनके लिए उपहार जैसा है।
बता दें बस्तर पुलिस ने 16 जनवरी को पूर्व नक्सली डिप्टी कमांडर लक्ष्मण और 22 साल की पूर्व महिला नक्सली कोसी की शादी का धूमधाम से आयोजन किया था। इस शादी में लगभग 5 हजार के करीब लोग शामिल हुए थे।