राजधानी में संविलियन और छठे वेतनमान की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों का धरना दूसरे दिन भी खत्म नहीं हुआ। आज से 18 शिक्षाकर्मी आमरण अनशन पर भी बैठ गए हैं। कल शिक्षाकर्मी मुंडन कराकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मसले पर विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस ने भी जमकर हंगामा किया, इसके चलते सदन स्थगित करना पड़ा।
शिक्षाकर्मियों और सरकार के बीच वार्ता सफल न होने से शिक्षाकर्मियों ने अपना आंदोलन और उग्र कर दिया है। करीब 40 हजार शिक्षक आंदोलन में शामिल थे। महापौर किरणमयी नायक, पूर्व विधायक भूपेश बघेल और वीरेंद्र पांडेय ने धरने पर पहुंचकर शिक्षाकर्मियों कर हौसला बढ़ाया। सरकार की तरफ से कोई भी शिक्षाकर्मियों से मुलाकात करने धरने पर नहीं पहुंचा।
शिक्षक पंचायत संघर्ष समिति के आह्वान पर संविलियन व छठवें वेतनमान की मांग को लेकर आज धरने के दूसरे दिन बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी सप्रे मैदान में मौजूद रहे। उन्होंने वादों से मुकरने के चलते सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही मांग पूरी न होने पर आंदोलन और उग्र करने की चेतावनी दी। इस आंदोलन में शिक्षाकर्मी अपने परिवार के साथ आए हुए हैं।
शिक्षाकर्मियों के आंदोलन की वजह से राजधानी के बूढ़ापारा मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। शिक्षाकर्मियों द्वारा वैधानिक आदेश की अवहेलना कर रास्ता बाधित करने के कारण शिक्षाकर्मियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। इस आंदोलन के चलते शिक्षकों के अभाव में स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।