दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से लगभग 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने उसे अपनी कंपनी में खपाने के आरोप में रायपुर इस्पात कंपनी के मालिक विनोद गर्ग और निदेशक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पेश किया। वहीं, प्लांट प्रबंधन ने तीन कर्मचारी भी निलंबित किए हैं।
पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि बीएसपी से चोरी किया गया लौह स्क्रैप सुनियोजित तरीके से निजी कंपनी तक पहुंचाया जा रहा था। मामले का आरोपी ट्रांसपोर्टर संजय सिंह बीएसपी से चुराए गए स्क्रैप को गाड़ियों में भरकर सबसे पहले ग्राम अकलोरडीह ले जाता था। वहां एके ट्रेडर्स के गोदाम में स्क्रैप को डंप किया जाता था। इसके बाद इसी माल को रसमड़ा स्थित रायपुर इस्पात कंपनी में भेजकर खपाया जाता था। पुलिस को जांच मे स्क्रैप की इस अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।
वीडियो साक्ष्य से खुला स्क्रैप का खेल
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के हाथ कुछ ऐसे अहम सुराग लगे हैं, जिनसे पूरे मामले की पुष्टि होती है। पुलिस के पास एक ऐसा वीडियो उपलब्ध हुआ है, जिसमें चोरी के स्क्रैप से लदी गाड़ियां रायपुर इस्पात कंपनी के परिसर में प्रवेश करती और वहां माल अनलोड होती साफ दिखाई दे रही हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कंपनी मालिक विनोद गर्ग तथा निदेशक संदीप सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। दुर्ग पुलिस अब इस चोरी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
आंतरिक जांच के बाद बीएसपी के तीन कर्मी निलंबित
दूसरी ओर, भिलाई स्टील प्लांट परिसर में हुई इस बड़ी स्क्रैप चोरी और उससे हुए नुकसान को देखते हुए संयंत्र प्रबंधन ने भी प्रारंभिक प्रशासनिक कदम उठाए हैं। आंतरिक विजिलेंस टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर एसएमएस-3 विभाग में पदस्थ तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मियों में जीएम हिमांशु भूषण मालिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव धनंजय वर्मा और मनोज कुमार देवांगन शामिल हैं। संयंत्र प्रबंधन ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।