छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की कलश यात्रा परवान चढ़ने से पहले ही ढलती दिख रही है। यहां सुरक्षा तथा अन्य कारणों से दूसरे दिन से ही रैली में उत्साह की कमी नजर आई।
कांग्रेस ने लोगों में सहानुभूति पैदा करने के चलते नक्सली हमले में शहीद नेताओं की स्मृति में कलश यात्रा निकाल योजना बनाई थी।
इसके आधार पर पहली कलश यात्रा राजिम से पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की स्मृति में गुरूवार को शुरू हुई थी।
बड़े नेता ही नदारद
यात्रा के दूसरे दिन अपनी ही पार्टी के बड़े नेता यात्रा से गायब दिखे। यात्रा के शुभारंभ के मौके पर तो पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्तचरण दास समेत बड़ी संख्या में नेता तथा विद्याचरण शुक्ल के परिजन भी मौजूद थे।
उसके बाद एक-एक कर प्रदेश कांग्रेस के सभी बडे़ नेताओं ने यात्रा से किनारा कर लिया। दूसरे दिन यात्रा में कोई बड़ा नेता नहीं आया। केवल स्थानीय कार्यकर्ता ही यात्रा में नजर आए।
कांग्रेस के बड़े नेता प्रदेश कांग्रेस की टिकट वितरण की राजधानी में चल रही शुरूआती बैठकों में व्यस्त रहे।
इसके अलावा गरियाबंद जिले के जिन इलाकों में यात्रा कल पहुंची उसके नक्सल प्रभावित होने के कारण नेताओं ने यात्रा से दूरी बनाए रखी।