बलरामपुर रामनुजगंज जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर राजेंद्र कटारा द्वारा अंतरराज्यीय सीमाओं पर सतत निगरानी एवं औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार देर रात विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत अंतरराज्यीय सीमा तालकेश्वरपुर के घने जंगलों में कलेक्टर कटारा ने लगभग 3 किलोमीटर तक पीछा कर अवैध धान परिवहन कर रहे दो पिकअप वाहनों को पकड़ा।
जांच के दौरान दोनों वाहनों में लगभग 140 बोरी अवैध धान पाया गया। तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान एवं दोनों पिकअप वाहनों को थाना प्रभारी सनवाल के सुपुर्द किया गया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम उपस्थित रही। कलेक्टर कटारा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अवैध परिवहन एवं भंडारण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई जाए तथा 24 घंटे सक्रिय निगरानी रखते हुए अवैध धान परिवहन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि धान खरीदी व्यवस्था सुचारू, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनी रहे।
बताया गया कि कलेक्टर कटारा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं झारखंड से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ में धान लाए जाने पर रोक लगाने के लिए पूर्णतः अलर्ट मोड में हैं। बीती रात उन्होंने स्वयं 300 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का भ्रमण किया एवं करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर अवैध धान परिवहन की जांच की।
देर रात कलेक्टर ने महावीरगंज समिति, विजयनगर समिति का निरीक्षण किया। वहीं तारकेश्वरपुर समिति में रकबा संबंधी शिकायत की जांच के लिए भी मौके पर पहुंचे। इसके अतिरिक्त उन्होंने दूसरे राज्यों से आने वाले धान को रोकने के लिए बनाए गए नाकों का भी निरीक्षण किया, जिसमें त्रिशूली के हल्दी मोड़, मंदरु-घुटरा नाका, तारकेश्वरपुर टुकुपत्थर नाका, चूना पत्थर नाका, कसईरया बाजार एवं बलंगी शामिल हैं। शुक्रवार की रात 10 बजे से कलेक्टर के द्वारा अवैध रूप से धान परिवहन को रोकने के लिए जांच शनिवार के सुबह 5 बजे तक जारी। कलेक्टर के इस सख्त रुख से अवैध धान परिवहन में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं प्रशासन की इस सक्रियता से जिले की धान खरीदी व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।