राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस में आयोजित प्रेसवार्ता में सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों पर भरोसा जताकर जो अवसर दिया, सरकार ने उसे जनहित और जनकल्याण के कार्यों के माध्यम से निभाया है। बीते दो वर्षों में शासन के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया गया है।
महिला सशक्तीकरण को लेकर महतारी वंदन योजना को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 70 लाख महिलाओं को हर माह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के जरिए अब तक 22 किस्तों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है, जिससे 13 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। चरणपादुका योजना दोबारा शुरू की गई है और 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की गई है। पीएससी प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। वर्तमान में 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के साथ विकास को भी समानांतर आगे बढ़ाया गया है। दो वर्षों में 505 नक्सली मारे गए, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 को गिरफ्तार किया गया। नियद नेल्ला नार योजना के जरिए दूरस्थ गांवों तक राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल दोबारा शुरू हुए हैं और बस्तर पंडुम व बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र की नई पहचान बनी है।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए अयोध्या धाम दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्तिपीठों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। सुशासन को मजबूत करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस, डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन एवं अभिसरण विभाग के माध्यम से योजनाओं की निगरानी सशक्त हुई है। व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है। युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, एजुकेशन सिटी, आधुनिक लाइब्रेरी और खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं, खरसिया–परमालकसा रेललाइन को मंजूरी मिली है और राष्ट्रीय राजमार्गों की 37 परियोजनाओं पर 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है। एयर कनेक्टिविटी में भी विस्तार हुआ है, अंबिकापुर एयरपोर्ट शुरू हुआ है और कई नई उड़ानें चालू की गई हैं। उन्होंने कहा कि 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी, सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, किफायती जन आवास नियम और जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया है। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के लिए अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। प्रेसवार्ता के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में लाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहेगी।