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CG: CM भूपेश कल गोधन और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राहियों को खाते में ट्रांसफर करेंगे करोड़ों रुपए

Sat, 19 Aug 2023 01:37 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को महासमुन्द में गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में करोड़ों रुपए टांसफर करेंगे।  गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 9.65 करोड़ रुपए भुगतान करेंगे।
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सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अगस्त को महासमुन्द में गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में करोड़ों रुपए टांसफर करेंगे।  गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 9.65 करोड़ रुपए भुगतान करेंगे। राशि में गोबर विक्रेताओं को 4.40 करोड़ रुपए, गौठान समितियों को 3.09 करोड़ रुपए और स्व-सहायता समूहों की 2.16 करोड़ रुपए की  राशि शामिल हैं। इससे पहले गोधन न्याय योजना के तहत हितग्राहियों को 541 करोड़ 66 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 अगस्त को 9.65 करोड़ रुपए के भुगतान के बाद 551.31 करोड़ रुपए हो जाएगा। 

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सीएम भूपेश बघेल गौठानों में 1 से 15 अगस्त तक क्रय किए गए 2.20 लाख क्विंटल गोबर के एवज में गोबर विक्रेताओं को 4.40 करोड़ रुपए का ऑनलाइन भुगतान करेंगे। गौठानों में अब तक 130.54 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। इसके एवज में पशुपालन किसानों को 256.68 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 20 अगस्त को 4.40 करोड़ रुपए के भुगतान के बाद गोबर क्रय के एवज में भुगतान की कुल राशि 261.08 करोड़ रुपए हो जाएगी। गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 20 अगस्त रविवार को 5.25 करोड़ रुपए भुगतान की जाएगी। इसका कुल भुगतान का आंकड़ा 266.98 करोड़ रुपए से बढ़कर 272.23 करोड़ रुपए हो जाएगा। 

राज्य में निर्मित और संचालित 10287 गौठानों में से 6167 गौठान आत्मनिर्भर हो चुके हैं। ये स्वयं की राशि से गोबर विक्रेताओं से गोबर खरीद कर रहे हैं। आत्मनिर्भर गौठानों ने अब तक 73 करोड़ 9 लाख रुपए का गोबर स्वयं की राशि से खरीदी किया है। 20 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को भुगतान की जाने वाली राशि 4.40 करोड़ रुपए में स्वावलंबी गौठानों की भागीदारी 2.82 करोड़ रुपए हैं। कृषि विभाग की ओर से गोबर बेचने वालों को भुगतान की जाने वाली 1.58 करोड़ रुपए की राशि का लगभग दोगुना है। 
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छत्तीसगढ़ में 20 जुलाई 2020 को हरेली पर्व के दिन गोधन न्याय योजना की शुरूआत हुई। दो रूपए किलो में गोबर खरीदी की यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है। पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ गांव में रोजगार के नए अवसर है। इस योजना को देश के कई राज्य अपनाने लगे हैं। गौठानों में पशुधन निशुल्क चारा-पानी का प्रबंध होने से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिला है। खुली चराई प्रथा पर काफी हद तक रोक लगी है। गोधन न्याय योजना के चलते राज्य में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जैविक खाद के उत्पादन और उपयोग से जैविक खेती को बढ़ावा मिला है।

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