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छत्तीसगढ़: सीएम बघेल ने लगाई लोकतंत्र की पाठशाला, कहा- अभिव्यक्ति की आजादी के साथ नागरिकों के कुछ कर्त्तव्य भी 

Sat, 23 Apr 2022 01:04 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

सीएम ने कहा, गुलाम भारत में नीतियां नागरिकों के अनुकूल नहीं बनती थीं। नीतियों को औपनिवेशिक व्यवस्था के हितों के लिए बनाया जाता था।
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल - फोटो : ANI
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नवनिर्मित आवासीय विद्यालय का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया। शिक्षक की भूमिका में नजर आए बघेल ने लोकतंत्र की कक्षा में पंडित नेहरू के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत और गुलाम भारत की शासन व्यवस्था में क्या फर्क था। इस दौरान उन्होंने एक वाकया सुनाते हुए कहा कि, एक बार पंडित नेहरू का एक वृद्ध महिला ने कॉलर पकड़ लिया और पूछा बताओ मुझे, आजादी से क्या मिला? इसके उत्तर में नेहरू ने कहा कि, आपको यह अधिकार मिला कि आप अपने प्रधानमंत्री से भी सवाल पूछ सकती हैं। 

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इस दौरान सीएम ने कहा, गुलाम भारत में नीतियां नागरिकों के अनुकूल नहीं बनती थीं। नीतियों को औपनिवेशिक व्यवस्था के हितों के लिए बनाया जाता था। उन्होंने कहा, लोकतंत्र आपको अभिव्यक्ति की आजादी देता है। इसके साथ ही यह नागरिकों के कर्त्तव्यों के बारे में भी बताता है। इस दौरान बघेल से बच्चों ने कई सवाल भी किए। 

जब तक काम पूरा नहीं तब तक आराम नहीं 
बच्चों से बातचीत के दौरान एक छात्रा ने सीएम बघेल से पूछा, आप कितने घंटे काम करते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि मेरे दिन की शुरुआत योग और मेडिटेशन से होती है। इसके बाद दिन भर के एजेंडे पर काम करता हूं। जब तक काम पूरा नहीं हो जाता तब तक काम करता हूं, उसके बाद ही आराम। इस दौरान सीएम ने बच्चों ने विधानसभा की कार्य प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी। 

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