छत्तीसगढ़ के रोगदा बांध को एक उद्योग समूह को बेचने के मामले में अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है। विधानसभा में संबंधित रिपोर्ट 19 जुलाई (बृहस्पतिवार) को पेश की गई।
विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल की अध्यक्षता में गठित जांच समिति के दो कांग्रेस विधायकों मोहम्मद अकबर और धर्मजीत सिंह ने रिपोर्ट से असहमति व्यक्त करते हुए इससे अपने को अलग कर लिया। समिति ने बहुमत के आधार पर रिपोर्ट दी है।
उल्लेखनीय है कि किसी उद्योग समूह को सिंचाई के लिए बने बांध को बेचे जाने के राज्य के इस पहले मामले ने पिछले साल मीडिया द्वारा उजागर करने के बाद से काफी तूल पकड़ा था। विधानसभा में भी इस मामले को जोरदार ढंग से उठाया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद सदन की पांच सदस्यीय समिति को इसकी जांच का दायित्व सौंपा था। समिति का सभापति उपाध्यक्ष चन्देल को बनाया गया था। भाजपा के देवजी पटेल, दीपक कुमार पटेल और कांग्रेस के मोहम्मद अकबर व धर्मजीत सिंह इसके सदस्य थे।