नौकरी के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के दर पर खुद को आग लगाने वाले बेरोजगार युवक ने कई दिन जिदंगी और मौत के बीच जूझने के बाद आज सुबह दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद उसके परिवार पर सदमे का पहाड़ टूट गया है। वहीं राज्य में विपक्षी कांग्रेस ने मृतक युवक के परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
बता दें कि रायपुर के बाहरी इलाके बीरगांव के रहने वाले योगेश कुमार साहू ने 21 जुलाई को मुख्यमंत्री रमन सिंह के जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान उनके आवास के बाहर खुद पर तेल छिड़ककर आग लगा ली थी। युवक ने बेरोजगारी से आहत होकर यह कदम उठाया था।
युवक को 80 फीसदी से ज्यादा झुलसी अवस्था में डा. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उससे मिलने मुख्यमंत्री रमन सिंह भी पहुंचे थे। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे कालडा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जहां उसने बुधवार सुबह अंतिम सांस ली। युवक की मौत पर मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह के हताशा भरे कदम उठाने से बचना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति भी दुख व्यक्त किया। वहीं युवक की मौत पर विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पार्टी ने मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी और दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। कांग्रेस के राज्य महासचिव शैलेश नितिन तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की उपेक्षा के कारण ही युवाओं को हताशा में ऐसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है।