कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में 'व्यापम' जैसा घोटाला हुआ है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बाकायदा राजधानी रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि इस घोटाले की वजह से 57 लोगों की जान चली गई।
कांग्रेस ने इसे 5000 करोड़ का चिटफंड से जुड़ा घोटाला करार दिया है। सुरजेवाला ने कहा, "9 साल से बीजेपी सरकार की नाक के नीचे 161 से अधिक चिटफंड कंपनियों ने 1 करोड़ जनता यानी करीब 21 लाख परिवारों की खून पसीने की कमाई गबन कर ली।"
कांग्रेस ने इसके लिए सीधे तौर पर तीन बार के मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके परिवार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि खुद मुख्यमंत्री रमन सिंह, उनके सांसद बेटे अभिषेक सिंह, पत्नी वीणा सिंह, बीजेपी सांसद, मंत्री और प्रदेश के आला अधिकारी 'रोजगार मेलों' के जरिए ऐसी चिटफंड कंपनियों के कार्यक्रमों में सीधे तौर पर शामिल हुए। साल 2009 से 2017 के बीच रमन
सिंह सरकार ने राज्य के तकरीबन हर जिले में ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया।
सुरजेवाला ने कहा कि चोरी, धोखाधड़ी और फरेब के इस खेल के चलते चिटफंड कंपनियों के 57 प्रतिनिधियों ने खुदकुशी कर ली। इन 161 कंपनियों पर 310 FIR भी हुईं लेकिन लोगों का पैसा वापस नहीं मिला।
कांग्रेस ने दावा किया किया कि सत्ता में आने पर वो डॉ. रमन सिंह समेत घोटाले में शामिल सभी पक्षों की जांच करेंगे और जनता के पैसे पर आंच नहीं आने देंगे। छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में कांग्रेस के ये बड़े आरोप रमन सिंह का सिरदर्द बढ़ाने वाले साबित होंगे।