अपने घर में 48 एसी लगाने की खबर से विवादों में आए छत्तीसगढ़ विधानसभा स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल एक बार फिर मुसीबत में है। इस बार उन पर गैरकानूनी तौर से जमीन कब्जाने का आरोप लगा है।
जानकारी के अऩुसार गौरीशंकर अग्रवाल के परिवार के नाम एक ट्रस्ट है। इस ट्रस्ट पर 0.460 हैक्टेयर सरकारी जमीन को कब्जाने का आरोप है। इस जमीन पर फिलहाल गैरकानूनी रूप से 19 दुकानें और एक मंदिर बना हुआ है।
कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और टी.एस. सींहदेव ने इस मुद्दे पर एक प्रेस वार्ता भी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस वक्त मंदिर और बाकी जमीन को उनकी जमीन में मिलाया गया, गौरी शंकर अग्रवाल मिनरल डेवलपमेंट कॉपरेशन के अध्यक्ष थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिजली कनेक्शन समेत मंदिर और जमीन स्पीकर को दी गई वो गैरकानूनी था।
उन्होंने कहा कि जमीन के इस कब्जे में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन हुआ है।
बिजली कनेक्शन में भी फर्जीवाड़ा
भूपेश बघेल ने कहा कि दुकानों और मंदिर में जो बिजली कनेक्शन दिया गया वह बाद में घरेलू इस्तेमाल में लिया जाने लगा।
भूपेश बघेल ने एक एनजीओ से मिले दस्तावेज भी दिखाए। उनका दावा था कि दस्तावेजों में सभी आरोपो से जुड़े साक्ष्य हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह को इस सारे फर्जीवाजडे की जानकारी है लेकिन वे इस बारे में कोई कदम नहीं उठा रहे है।
इस्तीफे की मांग
भूपेश बघेल ने जिला कलेक्टर ठाकुर राम सिंह पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कब्जे की जमीन पर हुए निर्माण कार्य तो तुड़वाने के बजाय ठाकुर राम सिहं ने गैरकानूनी अधिग्रहण में मदद की।
इस मुद्दे् पर टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि गौरी शंकर अग्रवाल को स्पीकर के पद से इस्तीफा देकर इस मामले पर अपनी सफाई पेश करनी चाहिए। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो इस मुद्दे् को विधानसभा में उठाया जाएगा।