स्वतंत्रता दिवस के ‘एट होम’ समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन ने विशेष निमंत्रण जारी किया है। इस बार निमंत्रण पत्र में छत्तीसगढ़ की ढोकरा और पिटवा कला समेत गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक कलाओं को शामिल किया गया है।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाले राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' समारोह के निमंत्रण पत्र में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विशेष स्थान दिया गया है। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक ढोकरा और पिटवा कला के साथ गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की प्रसिद्ध लोक कलाओं को शामिल कर देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को उकेरा गया है।
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The Invitation from the President of India to the guests for Independence Day Reception reflects the cultural and artistic diversity of Bharat.
This year's Invitation celebrates the interdependence between communities, creativity and conservation. The theme of this year's… pic.twitter.com/puMxe3kMk3
राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि स्वतंत्रता दिवस 2026 के ‘एट होम’ समारोह के लिए तैयार किए गए निमंत्रण पत्र की थीम भारत की पारंपरिक लोक कलाओं पर आधारित है। इस बार निमंत्रण में छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की प्रसिद्ध कला शैलियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि इस वर्ष का निमंत्रण समुदाय, रचनात्मकता और सांस्कृतिक संरक्षण की भावना को दर्शाता है। इसका उद्देश्य भारत की विविध कलात्मक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना है।
निमंत्रण के लिए तैयार किए गए विशेष कपड़े के लिफाफे में मध्य प्रदेश के धार जिले की बाघ वस्त्र कला का उपयोग किया गया है। वहीं कार्ड पर छत्तीसगढ़ की ढोकरा (लॉस्ट वैक्स कास्टिंग) और पिटवा कला, मध्य प्रदेश की भील पेंटिंग, गोवा की अज़ुलेजो टाइल पेंटिंग तथा महाराष्ट्र की वारली पेंटिंग को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने और पारंपरिक लोक कलाओं को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की ढोकरा और पिटवा कला को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलने से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को नई प्रतिष्ठा मिली है।