अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे और पनामा पेपर्स को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज़ हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरे मामले में राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके बेटे सांसद अभिषेक सिंह के शामिल होने का आरोप लगाया है और दोनों के इस्तीफे की मांग की है।
वहीं मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि सारे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “कांग्रेस के बड़े राष्ट्रीय नेताओं का नाम आने के कारण मामले को भटकाया जा रहा है। पता नहीं प्रशांत भूषण को मुझसे इतना प्यार क्यों है कि मेरे बारे में हर बार बोलते हैं।”
रमन सिंह ने कहा कि वे इस मामले में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई के लिए अपने वक़ीलों से सलाह लेंगे।
गुरुवार को दिल्ली में प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने एक पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड के हेलिकॉप्टर के लिए 65.7 लाख डॉलर का भुगतान किया, उसमें से 15.7 लाख डॉलर कमीशन के तौर पर दिए गए, जबकि 13 से 26 लाख डॉलर में वैसा हेलीकॉप्टर आसानी से मिल सकता था।
दोनों नेताओं ने पनामा पेपर्स में मुख्यमंत्री के बेटे और सांसद अभिषेक सिंह के नाम ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में बैंक खाता होने का आरोप भी लगाया। दोनों नेताओं का कहना था कि अगर यह अभिषेक सिंह का खाता नहीं है तो आख़िर वह कौन है जिसने उनके पिता रमन सिंह का पता दिया है।
विपक्ष ने भी लगाया हेलीकॉप्टर खरीद में घोटाले का आरोप
BBC
कवर्धा का यह वही पता है, जो रमन सिंह ने अपने चुनाव के शपथपत्र में दिया है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि अगस्ता का सौदा होने के लगभग छह महीने बाद यह खाता खोला गया।
इन आरोपों के बाद छत्तीसगढ में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके बेटे सांसद अभिषेक सिंह को घेरना शुरू किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने रमन सिंह और अभिषेक सिंह से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
सिंहदेव ने कहा, “अभिषेक सिंह के निवेश की जांच करवाने में मोदी सरकार को परहेज क्यों है?” विधायक और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर ख़रीदी में भ्रष्टाचार का पैसा, नान घोटाले का पैसा, भटगंवा कोल ब्लॉक घोटाले का पैसा, समेत कई घोटालों के पैसे मुख्यमंत्री रमन सिंह के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह के नाम पर बेनामी विदेशी खाते में कथित रूप से जमा है।
बघेल ने कहा, “अगस्ता मामले पर महालेखाकार की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ सरकार के ख़िलाफ़ थी. महालेखाकार की रिपोर्ट के बाद राज्य की सर्वोच्च समिति कहे जाने वाली लोकलेखा समिति ने भी अपनी रिपोर्ट सौंपी लेकिन कार्रवाई की कौन कहे, सरकार ने उसे आज तक सार्वजनिक ही नहीं किया।"
बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके पुत्र सांसद अभिषेक के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।