थानों में पुलिस के व्यवहार को लेकर बेशक बहुत सवाल होते रहे हों लेकिन छत्तीसगढ़ के थानों में अब अलग ही नजारा देखने को मिलेगा। यहां बच्चों के लिए अलग से किड्स कॉनर्र की व्यवस्था की गई है।
छत्तीसगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट (SCPCR) ने सिफारिश की है कि सभी जिलों में कम से काम पांच चाइल्ड फ्रेंडली थाने होने चाहिएं। इन थानों में बच्चों के लिए स्पेशल किड्स कॉर्नर होगा जहां दीवारों पर कार्टून करेक्टर पेंट किए जाएंगे। इसके अलावा यहां खिलौनों की भी व्यवस्था होगी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार अगर SCPCR की सिफारिशों पर अमल हुआ तो इस व्यवस्था को नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स अन्य राज्यों में भी लागू करवा सकता है।
फिलहाल यह व्यवसथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में लागू कर दी गई है। वहीं महासमुंद जिला तो सबसे आगे चला गया है वहां सभी थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
दीवारों पर होगी कार्टून पेंटिंग, बच्चों की छोटी कुर्सियां
SCPCR की चेयरपर्सन शताब्दी पांडे ने बताया कि बच्चों से हिंसा संबधी अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, इसके अलावा पाक्सो एक्ट के तहत भी बच्चों से अपराध के काफी मामले सामने आए हैं।
ऐसे में जरूरी है कि पुलिस थानों में बच्चों को एक पारिवारिक माहौल दिया जाए, जहां वह खुद को पुलिस के साथ सहज महसूस कर सकें। उनसे सवाल जवाब का आसान तरीका जरूरी है। मैंने कई थानों के निरीक्षण के दौरान पाया है कि पुलिस अधिकारियों के बच्चों के प्रति व्यवहार में काफी संवेदनहीनता रहती है।
इसके बाद हमने राज्य के डीजीपी को सभी जिलों के पांच थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाए जाने की सिफारिश की। रायपुर में ऐसे पांच थाने फिलहाल तैयार हैं जहां बच्चों को अपनेपन का माहौल मिल सके। इनमें अमानका, पांडरी, देवेन्द्र नगर, डीडी नगर और सिविल लाइंस थाना प्रमुख हैं।
इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने की तैयारी
यहां स्पेशल जुवेनाइल पुलिस बच्चों से जुड़े सभी मामलों पर काम करती है। पांच सदस्यों की इस टीम में महिला अधिकारी जरूर होती हैं। पांडे बताती हैं कि यह पहली बार है जब देश में किसी थाने में किड्स कॉर्नर बनाए जा रहे हैं, यहां बच्चों को छोटी कुर्सियां, मनोरंजक किताबें और दीवारों पर कार्टून पेंटिंग की जा रही है।
इन किड्स कॉर्नर में आने जाने के लिए थानों से अलग गेट की व्यवस्था की जा रही है, अधिकारी यहां सिविल ड्रेस में ही प्रवेश कर पाएंगे पुलिस यूनिफार्म में नहीं।
वहीं एनसीपीसीआर सदस्य यशवंत जैन बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में यह व्यवस्था पहली बार लागू की जा रही है। एक बार जब राज्य में चाइल्ड फ्रेंडली थाने तैयार हो जाएंगे तब टीम राज्य का दौरा करेगी।
महासमुंद की एसएसपी नेहा चंपावत बताती हैं स्थानीय प्रशासन इस मुद्दे पर यूनिसेफ के साथ मिलकर एक पूरे जिले के थानों को चाइल्ड फ्रेंडली करने के पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।