केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में नक्सलवाद से मुक्त हुआ छत्तीसगढ़ अब विकास और सुशासन के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहा है। शाह ने इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों का समर्थन किया है।
शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने और विकसित करने का काम किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सभी लोगों, विशेषकर आदिवासी भाइयों और बहनों को बधाई दी। शाह ने कहा कि राज्य अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
नक्सलवाद पर क्या बोले शाह?
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो गया है। यह राज्य विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया, और नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने और विकसित करने का काम किया है।' शाह ने छत्तीसगढ़ के लोगों, विशेषकर आदिवासी समुदाय को बधाई दी। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रयासों के लिए गहरी सराहना और आभार व्यक्त किया।
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा असंवैधानिक सरकारों का समर्थन किया है। शाह ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जनता की चुनी हुई सरकार नहीं थी, वहां नक्सलियों ने अपनी समानांतर सरकार चला रखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलियों ने कई निर्दोष पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को फांसी दी। शाह ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। शाह ने कांग्रेस से संसद को सुचारु रूप से चलने देने और उचित बहस में शामिल होने का आग्रह किया।
कांग्रेस पर लगाया संसद बाधित करने का आरोप
शाह ने कांग्रेस पार्टी पर संसद को लगातार बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संसद को बंधक बना रखा है। गृह मंत्री ने कहा, 'मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार हर एक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हम एसआईआर पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार हैं।' शाह ने कांग्रेस से संसद को सुचारु रूप से चलने देने और उचित बहस में शामिल होने का आग्रह किया।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा नक्सलवाद को मौन समर्थन दिया है। उन्होंने 2010 में पी चिदंबरम के एक बयान का जिक्र किया। चिदंबरम ने कहा था कि नक्सलियों को हथियार डालने की जरूरत नहीं है, बस हिंसा न करें। शाह ने इस विचार को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह हिंसा नहीं रुकती। उन्होंने संसद में स्पष्ट कहा था कि जो भी आत्मसमर्पण करना चाहता है, वह हथियार डाल दे और मुख्यधारा में शामिल हो जाए। अन्यथा, हमारे जवान उनसे सख्ती से निपटेंगे।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर क्या कहा?
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास और गुरु नानक देव के संदेशों में समानता, सेवा और सत्य का भाव छत्तीसगढ़ की परंपरा का हिस्सा है। शाह ने लोक संस्कृति को जीवित रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ पंडुम, बस्तर ओलंपिक, पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य जैसी परंपराओं का जिक्र किया। इसके साथ ही ढोकरा कला, बेल मेटल, कास्ट क्राफ्ट और कोसा को राज्य की विशिष्ट पहचान बताया।