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'धान नहीं खरीदने का षड्यंत्र रच रही विष्णुदेव सरकार':  दीपक बैज बोले- नहीं मिल रहा टोकन, किसान हो रहे परेशान

Fri, 29 Nov 2024 02:34 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

PCC chief Deepak Baij on Paddy purchase: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार धान नहीं खरीदने का षड्यंत्र रच रही है। उसकी नई नीति से स्पष्ट है कि वह किसानों से धान खरीदी कम करना चाहती है।
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प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस लेते पीसीसी चीफ दीपक बैज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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PCC chief Deepak Baij on Paddy purchase: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार धान नहीं खरीदने का षड्यंत्र रच रही है। उसकी नई नीति से स्पष्ट है कि वह किसानों से धान खरीदी कम करना चाहती है। इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य है। इसके लिए 14 नवंबर से 31 जनवरी तक का समय निर्धारित है। शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों को घटाकर कुल 47 दिन मिल रहे हैं। इसका मतलब यह है कि प्रति दिन सरकार को लगभग साढ़े तीन लाख मिट्रिक टन की ख़रीदी प्रति दिन करनी होगी, तब जाकर लक्ष्य पूरा होगा। ये बातें पीसीसी चीफ दीपक बैज ने आज शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन नें प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर कहीं। 

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उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस रफ्तार से धान खरीदी हो रही है, उसमें लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं है। सोसाइटियों को निर्देश है कि एक दिन में अधिकतम 752 क्विंटल यानी 1880 कट्टा धान ही खरीदा जाना है। ऐसे में एक किसान का शेष धान के लिये उसको आगामी दिनों की तारीख दी जा रही है। सरकार ने यह घोषणा की है कि 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा आयेगा, लेकिन जो लोग 14 नवंबर को धान बेचे थे, उनके खाते के रकम नहीं आई है, जो रकम आ रही है वह एक मुश्त 3100 नहीं है। सिर्फ 2300 रू. प्रति क्विंटल ही आ रही है। 

'केवल 12-14 क्विंटल धान खरीद रहे'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अनावरी रिपोर्ट गलत बनाया जा रहा जिसके आधार पर मात्र 9 से 12-14 क्विंटल धान खरीदा जा रहा। किसानों से पूरा 21 क्विंटल धान नहीं खरीदा जा रहा है। बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा। सोसायटी में सूचना चस्पा किया गया है कि बीज उत्पादक किसानों का धान नहीं लिया जायेगा। सोसायटी में बारदाना की कमी है किसान परेशान है। सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है।
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'खरीदी केन्द्रों में नहीं दे रहे टोकन' 
बैज ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रो में टोकन नहीं जारी किया जा रहा है, किसान घंटों खड़े रहते हैं। आनलाइन टोकन सिस्टम के कारण किसानों को 15 दिन बाद का भी टोकन नहीं मिल रहा है। धान की कीमत का भुगतान 3217 रुपये में करें, क्योंकि 3100 रुपये भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था। केन्द्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 117 रू. बढ़ा दिया है। इस कारण इस वर्ष धान की खरीदी 3100 रू. से बढ़ाकर 3217 रू. किया जाये। कांग्रेस के समय भी कांग्रेस ने धान का समर्थन मूल्य 2500 देने का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य बढ़ने पर कांग्रेस ने 2640 रू. में धान खरीदी थी।

'कांग्रेस सरकार की नीति को बदला'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि धान उपार्जन की कांग्रेस सरकार की नीति को भाजपा सरकार ने बदल दिया है। नई नीति के अनुसार 72 घंटे में बफर स्टॉक के उठाव की नीति को बदल दिया है। पहले इस प्रावधान के होने से समितियों के पास ये अधिकार होता था कि वे समय सीमा में उठाव न होने पर चुनौती दे सकें। अब जो बदलाव हुआ है उसके बाद बफ़र स्टॉक के उठाव की कोई सीमा ही नहीं है। धान खरीदी केन्द्रो में जगह की कमी आ रही है। पहले मार्कफ़ेड द्वारा समस्त धान का निपटान 28 फ़रवरी तक कर देने की बाध्यता रखी गई थी। अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। धान खरीदी बंद होगी 31 जनवरी को। यानी समितियों/संग्रहण केंद्रों में धान अब दो महीने तक रखा रह रहेगा।

हड़ताल पर हैं राइसमिलर 
उन्होंने कहा कि धान मिलिंग के लिए कांग्रेस सरकार ने प्रति क्विंटल 120 रुपए देने का निर्णय लिया था, जिसका परिणाम यह हुआ था कि प्रदेश भर में 700 नई राइस मिलें खुली थीं। अब साय सरकार ने मिलर के लिए 120 रुपए को घटाकर 60 रुपए कर दिया है। इस कारण राइसमिलर हड़ताल पर हैं, धान सोसायटी में जाम है।  मिलरों को 120 की जगह 60 रुपए देने के फैसले के बाद विभिन्न जिलों में राइसमिलर एसोसिएशन धान की मीलिंग करने में असमर्थता व्यक्त करने लगे हैं।
 
ये रहे मौजूद
पत्रकारवार्ता में पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व सांसद छाया वर्मा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, जिला अध्यक्ष उधोराम वर्मा, महामंत्री सकलेन कादार, प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा, प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह, प्रवक्ता वंदना राजपूत उपस्थित थे।

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