दिलीप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण
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Dilip Singh Judeo Statue inaugurated: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय आज यानी गुरुवार को जशपुर दौरे पर रहे। इस दौरान रणजीता स्टेडियम के पास दिलीप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोकार्पण किया। प्रतिमा को नमन करते हुए सीएम ने लोगों से कहा कि जूदेव का सपना था कि जशपुर से छत्तीसगढ़ का कोई सीएम बने। आज उनका सपना पूरा हुआ है। आप सभी के आशीर्वाद ,सहयोग और स्नेह मिलता रहे। ताकि जशपुर का नाम हमेशा रोशन रहे। सीएम के यहां पहुंचने पर ग्राम कोमड़ो एवं बुमतेल से आए पारंपरिक सरहुल और कर्मा नर्तक दल ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति देकर उनका स्वागत किया।
इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद रणविजय सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जशपुर विधायक रायमुनि भगत और पत्थलगांव विधायक गोमती साय, कृष्णा राय, राजू गुप्ता आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में आयोजित जशपुरिया माटी अटल सुशासन समारोह में पहुंचे। यहां विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान क्विज प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई विकास कार्यों की जीवंत प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चे को अन्नप्राशन कराकर गोदी में उठाकर प्यार-दुलार किया एवं महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान किया।
कौन थे दिलीप सिंह जूदेव?
8 मार्च सन 1949 को जशपुर के तत्कालीन शाही परिवार में जन्मे दिलीप सिंह जूदेव बेहद सहज, सरल और विनम्र स्वभाव के थे। जशपुरवासियों के साथ उनके गहरे आत्मीय संबंध रहे। खासकर जनजातीय समुदाय के बीच वे काफी लोकप्रिय रहे। दिलीप सिंह जूदेव तीन बार राज्यसभा और एक बार लोकसभा सांसद रहे। वह प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार एनडीए सरकार में पर्यावरण और वन राज्य मंत्री भी रहे। छत्तीसगढ़ के पहले चुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन एक मामले में उनका नाम आने की वजह से वो सीएम नहीं बन पाए। इसके बाद रमन सिंह सिंह सीएम बने और तीन बार इस पद को सुशोभित किए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दिलीप सिंह जूदेव के बीच गहरी आत्मीयता रही। जूदेव जब तक जीवित रहे तब तक मुख्यमंत्री साय के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास में लगातार सक्रिय रहे। जूदेव के पिता राजा विजयभूषण सिंहदेव जशपुर के अंतिम शासक थे।