छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव
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छत्तीसगढ़ में 10 हजार स्थानों पर 10 लाख से अधिक लोग रेडियो पर प्रसारित होने वाले पीएम मोदी के 'मन की बात' का 100वां एपिसोड सुनेंगे। इसे लेकर बीजेपी छत्तीसगढ़ ने खास तैयारी की है। समाजसेवी, चिंतकों, डॉक्टर्स, वैज्ञानिक, व्यापारी समेत सभी वर्ग के लिए बैठने के पूरी व्यवस्था की है। ये बातें छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आज बीजेपी कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम काफी लोकप्रिय है। पीएम इस कार्यक्रम में हर मुद्दों को उठाते हैं। मन की बात से देश को कई उपलब्धि मिली है। लोगों को रोजगार मिला है। मन की बात को अब तक 100 करोड़ लोग देख चुके हैं। मन की बात से लोगों के व्यवहार में बदलाव आया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने मन की बात नहीं सुनी, इसलिए वह विपक्ष में बैठ रही है। पीएम मोदी लोगों के मन की बात सुन रहे हैं। आरक्षण के सवाल पर कहा कि कांग्रेस आरक्षण नहीं देना चाहती है। हमने 32 प्रतिशत आरक्षण दिया था।
‘मन की बात’ देश में आकाशवाणी व अन्य माध्यमों से प्रसारित किया जाने वाला लोकप्रिय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश जी जनता से संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। यह कार्यक्रम 52 भाषाओं एवं बोलियों जिनमें 11 विदेशी भाषाएं शामिल हैं, में प्रसारित होता हैं। यह कार्यक्रम इतना लोकप्रिय हैं कि 27 जनवरी 2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी प्रधानमंत्री के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया और भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए।
एक नजर में मन की बात-
- मन की बात से लगभग 96 प्रतिशत लोगों परिचित है।
- इस कार्यक्रम को 100 करोड़ से ज्यादा लोग ने एक बार सुन चुके हैं।
- 23 करोड़ लोगों ने कार्यक्रम को नियमित रूप से देखा/सुना है।
- मन की बात नागरिकों के व्यवहार, विचार एवं मनोस्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
- 60 प्रतिशत ने राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने में रुचि दिखाई है।
- 55 प्रतिशत राष्ट्र के एक जिम्मेदार नागरिक बनने की पुष्टि करते हैं।
- 63 प्रतिशत महसूस करते हैं कि सरकार के प्रति उनका दृष्टिकोण सकारात्मक हो गया है।
- 59 प्रतिशत को लगता है कि सरकार पर उनका भरोसा बढ़ा है।
- 58 प्रतिशत ने कहा कि उनके जीवन स्थिति में सुधार हुआ है।
- 73 प्रतिशत सरकार के कामकाज और देश की प्रगति के बारे में आशावादी महसूस करते हैं।