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महंगे शौक के लिए रची खुद के अपहरण की कहानी: साले को फोटो भेज मांगी 2 लाख की फिरौती, पहुंच गई पुलिस

Mon, 03 Oct 2022 07:14 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गरियाबंद

सार

गुमशुदगी दर्ज कर परिजन तलाश कर रहे थे। तभी अपहरण का पता चला। धमकी के बावजूद मनोज ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को सारी घटना बता दी। 
 
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खुद के अपहरण की झूठी कहानी रचने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में एक युवक ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। मोबाइल का सिम बदल कर खुद की फोटो अपने साले को भेजी और दो लाख रुपए की फिरौती मांगी। इस पर साला घबराया हुआ थाने पहुंचा और मामला दर्ज कराया। साइबर सेल की मदद से पुलिस 6 घंटे में ही आरोपी तक पहुंच गई। पूछताछ में पता चला कि युवक ने अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए सारी कहानी गढ़ी थी। इसके बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। 
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व्हॉट्सऐप कॉलिंग कर मांगे रुपए

जानकारी के मुताबिक, अमलीपदर के पानी गांव निवासी रुपेंद्र प्रधान (27) 29 सितंबर को अचानक लापता हो गया। अगले दिन उसके साले मूचबहाल निवासी मनोज सोनवानी के मोबाइल पर अंजान नंबर से रुपेंद्र की फोटो आई और फिरौती में दो लाख रुपए मांगे गए। इस पर मनोज थाने पहुंचा और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि व्हॉट्सऐप पर आई फोटो में रुपेंद्र मुंह के बल लेटा हुआ है। फोटो भेजने वाले ने व्हॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए ही फिरौती की रकम भी मांगी है। 

एक साल पहले ही हुई है रुपेंद्र की शादी
मनोज ने पुलिस को बताया कि उसे धमकी भी दी गई है कि पुलिस के पास पहुंचा तो अपने जीजा से हाथ धो बैठेगा। एक साल पहले ही उसकी बहन से रुपेंद्र की शादी हुई है। उसका एक बच्चा भी है। इसके बाद SP ने अलग-अलग टीमें बनाई और SDOP अनुज गुप्ता को जिम्मेदारी सौंप दी। जांच के दौरान पुलिस महज 6 घंटे में ही आरोपी तक पहुंच गई। वहां रुपेंद्र मिला तो सारा मामला सामने आ गया। इसके बाद पुलिस उसे दो अक्टूबर की देर रात हिरासत में लेकर गरियाबंद पहुंची। 
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कोंडागांव से पुलिस ने बरामद किया
SP ने बताया कि रुपेंद्र ने रुपयों की लालच में खुद ही अपहरण की कहानी गढ़ी थी। उसे कोंडागांव के बांसकोट स्थित एक सुनसान मकान से पकड़ा गया है। उसके पास से तीन सिम और मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ में रुपेंद्र ने बताया कि उसे महंगी गाड़ियों और मोबाइल का शौक है। इसे पूरा करने के लिए उसके पास रुपए नहीं थे। ऐसे में उसने खुद का ही अपहरण कर लिया और परिजनों से फिरौती की मांग की। उसे कोर्ट में पेश कर सोमवार को जेल भेज दिया गया है। 
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