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Chhattisgarh: आध्यात्मिक-ऐतिहासिक महत्व के तीन गांवों का नाम बदलेगी सरकार, गजट अधिसूचना जल्द होगी प्रकाशित

Mon, 01 Aug 2022 10:44 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ये निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों को रायपुर जिले के चांदखुरी गांव और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी और सोनाखान गांवों का नाम बदलने का निर्देश दिया है। 
 
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भूपेश बघेल - फोटो : Social media
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के तीन गांवों का नाम बदलने का फैसला किया है। जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये तीनों गांव ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के हैं। उन्होंने कहा कि इन गांवों का नाम उन महान और आध्यात्मिक हस्तियों के नाम पर रखा जाएगा जिनके लिए वे प्रसिद्ध हैं।

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जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने दी जानकारी
राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ये निर्णय लिया है। उन्होंने इस अधिकारियों को रायपुर जिले के चांदखुरी गांव और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी और सोनाखान गांवों का नाम बदलने का निर्देश दिया है। 

गांवों का ये होगा नाम
उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देश के बाद अब भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मस्थली माने जाने वाले चांदखुरी का नाम बदलकर माता कौशल्या धाम चांदखुरी कर दिया जाएगा। इसी तरह सतनाम पंथ के लोकप्रिय तीर्थ स्थल गिरौदपुरी को बाबा गुरु घासीदास धाम गिरौदपुरी कहा जाएगा और सोनाखान का नाम बदलकर शहीद वीर नारायण सिंह धाम सोनाखान रखा जाएगा।
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'राम वन गमन' पर्यटन सर्किट परियोजना पर काम कर रही है सरकार
गौरतलब है कि भूपेश बघेल सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'राम वन गमन' पर्यटन सर्किट परियोजना के तहत चांदखुरी में एक तालाब के बीच में स्थित माता कौशल्या के मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, 14 साल के वनवास के दौरान जिस रास्ते से भगवान राम ने वनो में भ्रमण किया था उस मार्ग को ही राम वन गमन पथ  में लिया गया है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने अपना अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में अपने वनवास के दौरान बिताया था। वहीं, गिरौदपुरी सतनाम संत और समाज सुधारक बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली है।

जल्दी ही गजट अधिसूचना होगी प्रकाशित 
अधिकारी ने बताया कि सोनाखान को 1857 के विद्रोह में छत्तीसगढ़ के पहले शहीद शहीद वीर नारायण सिंह की वीरता के लिए जाना जाता है। वीर नारायण सिंह को 10 दिसंबर, 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। अधिकारी ने बताया कि इन स्थानों का नाम बदलने की मांग जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस संबंध में एक गजट अधिसूचना प्रकाशित की जाएगी।

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