Bhupesh Baghel Birthday Special: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज 23 अगस्त को अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। आक्रामक शैली, तेज तर्रार राजनेता, अपने बेबाक अंदाज और अपने हाजिर जवाबी के लिए फेमस भूपेश बघेल को उनके चाहने वाले उन्हें प्यार से 'कका' के नाम से पुकारते हैं। उनका जन्म 23 अगस्त 1960 को अविभाजित मध्य प्रदेश (अब छत्तीसगढ़) के दुर्ग जिले के पाटन तहसील के कुरुदडीह में हुआ था। किसान परिवार में पले-बढ़े भूपेश बघेल को खेती-किसानी, किसान और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से बेहद लगाव है। इसलिये उनके पांच साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का जमकर प्रचार-प्रसार हुआ। उनके कार्यकाल में सीएम हाउस में तीज-त्योहार मनाये जाने लगा। हरेली तिहार, पोला आदि त्योहार मनाया जाने लगा।
किसान पृष्ठभूमि से होने की वजह से भूपेश शुरू से ही मेहनती रहे हैं। यही वजह है कि उनके शरीर में फुर्ती उसी तरह से दिखाई देती है, जैसा कि युवावस्था में था। आज हम ऐसा इसलिये कह रहे हैं कि अपने जन्मदिन से एक दिन पहले यानी 22 अगस्त को ईडी दफ्तर का घेराव करने के लिए निकले थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें कंधे पर बैठा लिया। इसके बाद वो पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर ईडी दफ्तर का घेराव करने पहुंचे। बाद में पुलिस ने उन्हें दूसरे बैरिकेड्स पर रोक लिया। इस वीडियो को खुद बघेल ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि 'अभी तक ऐसा बैरिकेड नहीं बना है जिसकी ऊंचाई हमारे कार्यकर्ताओं के हौसले से ज्यादा हो। लड़ेंगे-जीतेंगे! इसके बाद लिखा कि
'हुँकारों से महलों की नींव उखड़ जाती
साँसों के बल से ताज हवा में उड़ता है
जनता की रोके राह, समय में ताव कहाँ ?
वह जिधर चाहती, काल उधर ही मुड़ता है'
पूर्व सीएम का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने जन्मदिन के मौके पर कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। इसमें वो अपनी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल के साथ जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जन्मदिन की शुरुआत मुक्तेश्वरी जी के साथ।
एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 'बच्चे सुबह का इंतजार नहीं करते। अर्धरात्रि ही केक काटने का आदेश हुआ, जिसका मैंने अक्षरशः पालन किया।
ये है रिकार्ड कायम
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री थे, जो चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बने थे। वो साल 2018 में पाटन विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। बीजेपी प्रत्याशी मोतीलाल साहू को 9 हजार 343 वोटों से हराया था। इससे पहले राज्य के पहले सीएम अजीत जोगी और दूसरे सीएम डॉ. रमन सिंह चुने गये थे, फिर उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ बना था। अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी। बाद में उन्होंने मरवाही विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता और विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद साल 2003 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी ने जीत हासिल की। उस दौरान डॉ. रमन सिंह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। बाद में वो साल 2004 में राजनांदगांव सीट पर उपचुनाव जीते।
भूपेश बघेल का सियासी सफर
भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत युवा कांग्रेस के सदस्य के रूप में की। साल 1993 में बघेल ने पहली बार पाटन विधानसभा से चुनाव जीता और फिर वहीं से पांचवीं बार चुनकर विधानसभा पहुंचे। भूपेश बघेल 17 दिसंबर 2018 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 15 साल तक सत्ता में रही बीजेपी की सरकार को हराकर राज्य में कांग्रेस की वापसी कराई थी।
करोड़ों के मालिक हैं बघेल
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल करोड़ों के मालिक हैं। उन्होंने साल 2023 विधानसभा चुनाव में जो हलफनामा दिया था, उसके मुताबिक उनकी कुल सकल संपत्ति एक करोड़ 8 लाख 78 हजार 591 है। वहीं उनकी पत्नी की कुल संपत्ति उनसे तीन गुना अधिक है। भूपेश बघेल की पत्नी की कुल संपत्ति 3 करोड़ 11 लाख 69 हजार 515 है। पूर्व मुख्यमंत्री के पास 2 किलो चांदी, 10 तोला सोना, 3 ट्रैक्टर है। वहीं पत्नी के पास 40 तोले सोना है।