फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक रुपये किलो के चावल ने बनाया शराबी?

Mon, 03 Mar 2014 01:16 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना को बकवास करार दे दिया। उन्होंने एक रुपये किलो चावल दिए जाने की योजना की आलोचना की।
विज्ञापन


उन्होंने यहां तक कहा कि इस योजना के कारण यहां के लोग शराबी बन गए। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण मजदूरी महंगी हो गई, विकास ठप्प हो गया और लोग शराबी हो गए।

कांग्रेस पहले भी ये आरोप बीजेपी सरकार पर लगाती रही है। कांग्रेस नेताओं ने पहले भी कहा है कि," ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई पूंजी पैदा हो गई है, जो नकारात्मक कामों में लग रही है।"
विज्ञापन


छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है और रमन सिंह सीएम हैं। रमन सिंह की एक रुपये किलो चावल देने की स्कीम के कारण उनका नाम 'चावल वाले बाबा' पड़ गया है। 2007 से रमन सिंह की सरकार एक रुपये किलो के हिसाब से 35 किलो चावल दे रही है।

हालांकि सस्ते चावल की योजना ने सरकारी खजाने पर खासा बोझ डाला है। इसका सीधा गणित है। सरकार राइस मिलर्स से एक क्विंटल धान के बदले 67 किलो चावल लेती है। मोटे तौर पर बाजार में यह चावल 20 रुपये प्रति किलो की दर से बिकता है, मगर सरकार इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये दो रुपये किलो की दर से बेचती है। इस तरह प्रति किलो 18 रुपये का नुक्सान सरकार को उठाना पड़ता है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें