नक्सलवाद से जूझते 23 साल के जवान छत्तीसगढ़ को रेवड़ी संस्कृति बुढ़ापे की ओर धकेल रही है। अपने तीन कार्यकाल में 'चाउर वाले बाबा' ने इसे आगे बढ़ाया। उनके बाद 'कका' दो कदम आगे निकल गए। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ने रेवड़ी संस्कृति को और ऊंचाइयां देने का संकल्प दोहरा दिया है। धान के कटोरे में मुद्दों की फसल काटने की होड़ भी कम नहीं है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धान काटते हुए फोटो सामने आने के बाद चुनावी चर्चाओं में यह जुमला आम है...जे जइसन धान काटही, वो वइसन चाउर पाही। मतलब जो जैसा धान कूटेगा, वह वैसा चावल पाएगा।
भाजपा
भाजपा के पास नया क्या
प्रदेश में 500 नए जनौषधि केंद्र खोलने की बात कही है। इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ की शुरुआत, रायपुर, नया रायपुर, भिलाई और दुर्ग को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के गठन और हर संभाग में आईआईटी की तर्ज पर सीआईटी व एम्स जैसे सिम्स की स्थापना का वादा किया है। जीपीएससी की भर्तियों में पारदर्शिता लाने और पीसीएस भर्ती घोटाले की जांच का एलान किया है।
कांग्रेस के पास नया क्या
लघु और कुटीर उद्योगों के लिए सात सौ नए ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का वादा किया है। सभी सरकारी विद्यालयों को स्वामी आत्मानंद स्कूल में तब्दील करने, सरकारी स्कूल-कॉलेजों में केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, परिवहन व्यवसायियों और महिला स्वसहायता समूहों के कर्ज माफ करने का वादा किया है। इसके अलावा जातिगत गणना का एलान भी किया है।