छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, बीजेपी नेता केदार कश्यप
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज आदिवासी नेता अरविंद नेताम ने विधानसभा चुनाव से महज ढाई महीने पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से छत्तीसगढ़ की राजनीति में खलबली मच गई है। बीजेपी और कांग्रेस में जमकर सियासत हो रही है। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं। नेताम के इस्तीफे पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है।
उन्होंने कहा कि फिर भी उन्हें अगर किसी बात की कमी महसूस हो रही थी, तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से चर्चा कर हल निकालना चाहिए था। उनका जो भी बयान आया हो, उस पर मुझे कुछ नहीं कहना है।
कांग्रेस की नीतियां आदिवासी विरोधी: पूर्व मंत्री केदार कश्यप
वहीं बीजेपी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस को घेरा है। पू्र्व मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने फिर आदिवासी समाज के साथ धोखा किया है। इतने बड़े आदिवासी नेता का जाना कांग्रेस की आदिवासी विरोधी चेहरे को पर्दाफाश करता है। कांग्रेस की नीतियां आदिवासी विरोधी हैं। दिग्गज आदिवासी नेता नेताम का कांग्रेस छोड़ना इसका प्रमाण है। कांग्रेस राज में आदिवासियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नौकरी का अधिकार छीना लिया गया है। चुनाव के पहले अरविंद नेताम का जाना यही संदेश देता है।