छत्तीसगढ़ के कोरबा में इस बार भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है। यहां जनता स्थानीय विधायक, महापौर और राज्य सरकार तीनों से उनके कामकाज का हिसाब मांग रही है। अमर उजाला के विशेष कार्यक्रम सत्ता का सेमीफाइनल में अमर उजाला की टीम ने यहां का दौरा किया और स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी कई मुद्दों पर बात की। जनता ने कहा कि हमारे मुद्दे रोजगार, सड़क, तेल के बढ़ते दाम, स्वास्थ्य हमारे लिए प्रमुख मुद्दे हैं। सरकार को इनपर ध्यान देना होगा।
कोरबा की आम जनता ने कहा कि यहां रोजगार प्रमुख मुद्दा है। राज्य में बहुत प्लांट खोलने का वादा किया गया था उसका क्या हुआ। युवा उम्मीद लगाए बैठे हैं कि हमें रोजगार मिलेगा, वो कब मिलेगा? लोगों ने कहा कि हम प्रदूषण से तो जूझ ही रहे हैं सड़कों की हालत भी खराब है।
वार्ड 28 में रोड की गिट्टी, बालू अलग मिल जाएगी। बारिश में स्वीमिंग पूल बन जाता है। एक शख्स ने कहा- हमारे राज्य में इतने प्लांट खुलने का वादा हुआ था। कोरबा में फर्टीलाइजर फैक्टरी बंद पड़ी है। केंद्र से मंत्री भी आए थे पर कुछ नहीं हुआ। आपने रोड तो देखी ही होगी क्या हालत है? रायपुर में वेदांता अस्पताल बन रहा है, क्या हम कोरबा के
लोग इलाज कराने रायपुर जाएंगे। वहां जाते जाते मर नहीं जाएंगे क्या? रमन सिंह 15 साल में शासन का हिसाब दें। सच्चाई ये है कि रमन कोरबा में अस्पताल के लिए जमीन ही नहीं दे पाए। बता दें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल से सत्ता में है। इस विधानसभा सीट पर मोदी की लहर का असर नहीं होता है।
पिछले दो चुनावों से कांग्रेस ने ही अपनी विजयी पताका फहराई है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के जयसिंह अग्रवाल ने भाजपा के जोगेश लांबा को हराया था। कोरबा एक व्यवसायिक क्षेत्र है इस वजह से इस सीट को अहम माना जा रहा है। इस बार भाजपा जयसिंह अग्रवाल के सामने विकास महतो को उतारेगी।