छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों को उतारते जा रहे हैं। कांग्रेस ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को राजनांदगांव से रमन सिंह के खिलाफ उतारा है।
करुणा शुक्ला जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा से सांसद रह चुकी हैं। वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव के बाद शुक्ला ने भाजपा से इस्तीफा दे कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उन्होंने भाजपा पर उपेक्षा का आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री के खिलाफ शुक्ला को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर त्रिवेदी ने कहा कि वह कांग्रेस से जुड़ने के बाद राजनांदगांव क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। वह पार्टी की मजबूत उम्मीदवार हैं और वह सिर्फ मुख्यमंत्री को चुनौती नहीं देंगीं बल्कि उनके खिलाफ जीत भी हासिल करेंगी।
कांग्रेस में आने के बाद से करुणा शुक्ला ने लगातार मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कांग्रेस प्रवेश के बाद पार्टी ने उन्हें वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव में बिलासपुर से अपना उम्मीदवार बनाया था। वह भाजपा के लखनलाल साहू से चुनाव हार गई थी।
इससे पहले वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट से कोरबा सीट से चुनाव लड़ी थीं। लेकिन कांग्रेस के चरणदास मंहत से चुनाव हार गई थीं।
आपको बताते हैं छत्तीसगढ़ की कुछ विधानसभा सीटों पर कौन-कौन आमने-सामने है....
राजनांदगांव
कांग्रेस - करुणा शुक्ला
भाजपा - डॉ. रमन सिंह
खैरागढ़
कांग्रेस- गिरवार जंघेल
भाजपा- कोमल जंघेल
डोंगागढ़
कांग्रेस- भुवनेश्वर सिंह बघेल
भाजपा- सरोजिनी बंजारे
डोंगरगांव
कांग्रेस- दलेश्वर साहू,
भाजपा - मधुसूदन यादव
खुज्जी
कांग्रेस - श्रीमती चन्नी साहू,
भाजपा - हिरेंद्र साहू
मोहला मनपुर
कांग्रेस - इंद्रा शाह मनदेवी
भाजपा - कंचनमाना भुआर्य
बता दें कि राज्य में पहले फेज में 12 नवंबर को चुनाव होगा। जबकि दूसरे फेज में 20 नवंबर को चुनाव होगा। वहीं 11 दिसंबर को मतगणना होगी। चुनावों में वीवपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग ने उम्मीदवार के लिए 28 लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय की है।
छत्तीसगढ़ नक्सल प्रभावित इलाकों में पहले चरण में ही चुनाव कराये जाएंगे। यहां पहले चरण के लिए 12 नवंबर को वोटिंग होगी। वोटिंग के लिए सबसे नयी मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य में 2 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं और 3 नवंबर तक नामांकन वापस ले सकते हैं।