इस सार्थक संवाद की खूबी यह रही कि इसमें छत्तीसगढ़ की जरूरतों, प्राथमिकताओं, संभावनाओं पर चर्चा के साथ-साथ विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण सुझाव भी सरकार को प्राप्त हुए। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने आगामी 10 वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 10 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊंचाई दी है। सामाजिक-आर्थिक विकास को लेकर छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं हैं। देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।
नीति आयोग के पूर्व सीईओ और जी 20 के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सुंदरता भी है और प्रचुर खनिज संपदा भी। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए खनिजों का विवेकपूर्ण दोहन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण यहां पर पर्यटन की संभावनाओं का विकास और उसकी ब्रांडिंग भी है।
आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री अरूण, विजय शर्मा, आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाडे, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा उपस्थित थे।