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छत्तीसगढ़: संविदा कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, हड़ताल पर बैठे, 10 जुलाई को रायपुर में राज्य स्तरीय आंदोलन

Mon, 03 Jul 2023 07:51 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों ने आज यानी 3 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज से कर्मचारी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर बैठे हैं।
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हड़ताल पर बैठे कर्मचारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों ने आज यानी 3 जुलाई से अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज से कर्मचारी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर बैठे हैं। सभी संविदाकर्मी अपने-अपने कार्यालयों को छोड़कर जिला मुख्यालयों प्रदर्शन कर रहे हैं। इस क्रम में रायपुर में भी हड़ताल पर रहे। 

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छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी संघ के मुताबिक, राज्य के सभी जिलों में 3 जुलाई से 7 जुलाई तक 5 दिनों तक कर्मचारी अपने अपने स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 7 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में एक रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। रैली में सभी कर्मचारी काले कपड़े पहनकर प्रदेश के सभी शहरों से निकलेंगे। कर्मचारियों ने यह भी तय किया है कि अगर बारिश हुई तो छाता भी काले रंग का ही इस्तेमाल करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। 8 और 9 जुलाई को कर्मचारी अपने आगे की रणनीति के लिए एक बैठक करेंगे। 10 जुलाई से राजधानी में राज्य स्तरीय आंदोलन होगा। 

दस दिन पहले दी थी सूचना
ये सामूहिक हड़ताल छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हो रही है। इसकी सूचना करीब दस दिन पहले ही राज्य शासन-प्रशासन को दी गई थी। इससे पहले ये सभी संविदाकर्मी इस साल की शुरुआत में हड़ताल पर गए थे।  बीते 16 मई से करीब एक महीने से अधिक इन कर्मचारियों ने राज्य के सभी जिलों में नियमितीकरण रथयात्रा भी निकाली थी। रथयात्रा का समापन 23 जून को राजधानी रायपुर में संविदाकर्मियों की आक्रोश रैली से हुआ था।
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पदाधिकारियों का कहना है
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि  कांग्रेस ने संविदा कर्मचारियों से 2018 के चुनावी जनघोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक11 में नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के 4 साल 6 माह बीत जाने के बाद भी सरकार बार-बार कमेटियों में मामला उलझाकर लटका रही है। 

ये हैं मांगे

  • स्थाई किया जाए
  • नौकरी की सुरक्षा 62 वर्ष आयु तक हो
  • वरिष्ठता का लाभ मिले
  • वेतन, ग्रेच्युटी, क्रमोन्नति-पदोन्नति, सामाजिक सुरक्षा मिले
  • अनुकंपा नियुक्ति
  • पेंशन जैसी मूलभूत सुविधा 
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