मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस साल सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में भेंट-मुलाकात के लिए पहुंच रहे हैं। योजना है कि प्रत्येक क्षेत्र में एक दिन रुका जाए। इसकी शुरुआत चार मई को सरगुजा संभाग से हुई। बाद में बस्तर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, रायगढ़, जिलों का दौरा हुआ। पिछले महीने उन्होंने कवर्धा जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया था। अब तक राज्य के 17 जिलों के 36 विधानसभा क्षेत्रों में दौरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दो दिवसीय प्रवास पर राजनांदगांव में हैं। उन्होंने मंगलवार को राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुरगी में भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सुरगी किसानों के 100 ट्रैक्टर पैरादान करने पर आभार भी जताया। कहा कि, गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में यह सहभागिता अनुकरणीय है। इसके बाद अगली भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के लिए ग्राम सुकुलदैहान रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधा। कहा कि, रमन सिंह 15 साल यहां से विधायक रहे, मुख्यमंत्री भी रहे, लेकिन आज भी यहां की सड़कें खराब हैं। रमन सिंह अपने क्षेत्र में भी सड़क नहीं बनवा पाए। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़कें बनवा दो। अगर सड़कें बनी होती तो लोग मांग ही क्यों करते? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही निराकरण किया और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।
सुरगी में जिला सहकारी बैंक के शाखा खोलने की घोषणा।
सुरगी हाईस्कूल में मैदान का विकास और लाइटिंग।
हरदी-सुरगी सड़क की प्रशासनिक स्वीकृति।
सोमनी-नवागांव सड़क का जीर्णोद्धार।
सूखा नाला बैराज से आलीखूंटा तक सिंचाई सुविधा और नाली निर्माण की घोषणा।
तोरणकट्टा के आश्रित गांव मनकी में धान खरीदी केंद्र खोलने की घोषणा।
भरेगांव के बूढ़ादेव तालाब में सौंदर्यीकरण और पचरी निर्माण।
ग्राम सिंघोला में भानेश्वरी मंदिर जीर्णोद्धार और तालाब सौंदर्यीकरण।
रानीतराई में हाईस्कूल में दो अतिरिक्त कक्ष तथा धामनसारा में एक अतिरिक्त कक्ष।
इससे पहले मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम पंचायत सुरगी में माता शीतला मंदिर में पूजा कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। छत्तीसगढ़ में शीतला माता का विशेष महत्व और आस्था है। गांव में कोई भी शुभ और मंगल कार्य माता शीतला की पूजा कर की जाती है। गांव में ऐसी मान्यता है कि शीतला माता की पूजा करने से किसी प्रकार की बीमारी या प्राकृतिक प्रकोप नहीं आता है। माता शीतला गांव की रक्षा करती है। इस विश्वास के साथ गांव में माता शीतला का विशेष महत्व होता है।