छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने रविवार को राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी राम वन गमन पर्यटन सर्किट के हिस्से के रूप में पुनर्निर्मित शिवरीनारायण मंदिर का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भगवान राम के वनवास काल की स्मृतियों को संजोने के लिए सर्किट विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राम वन गमन पर्यटन सर्किट का उद्देश्य अयोध्या से वनवास के दौरान भगवान राम के राज्य में प्रवास से जुड़ी यादों को संरक्षित करना है। जब धार्मिक महत्व के स्थानों की बात आती है, तो छत्तीसगढ़ में पर्यटकों के लिए एक लंबी सूची है।
छत्तीसगढ़ के लोगों के दिल में निवास करते हैं भगवान राम
सीएम बघेल ने कहा कि भगवान राम छत्तीसगढ़ के लोगों के दिल में निवास करते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इसकी सनातन संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा और देश-विदेश के पर्यटकों को भी उच्च स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा में भगवान राम का गहरा महत्व है। इसका मुख्य कारण यह है कि छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए, राम न केवल एक आस्था है, बल्कि वे आदर्श भी हैं। छत्तीसगढ़ में, उन्हें भतीजे के रूप में पूजा जाता है। रायपुर से सिर्फ 27 किमी दूर स्थित आरंग को माता कौशल्या का जन्मस्थान है।
इससे एक दिन पहले सीएम बघेल ने रामनवमी के अवसर पर रायपुर के चांदखुरी में माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। जांजगीर-चांपा जिले में नवनिर्मित मंदिर परिसर में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न मंडलों द्वारा मानस गायन और रामचरित मानस का पाठ हुआ।
बघेल बोले- भगवान राम ने समाज को एकजुट करने का काम किया
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि भगवान राम का जीवन दर्शाता है कि उन्होंने समाज को जोड़ने के लिए काम किया, लेकिन दुर्भाग्य से वर्तमान स्थिति में उन्हें केवल एक योद्धा के रूप में चित्रित किया जा रहा है।
उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर यह भी कहा कि बिखराव में लिप्त लोगों के निहित स्वार्थ होते हैं। सीएम बघेल राज्य के जांजगीर-चांपा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवरीनारायण में आयोजित 'मानस मंडली गायन' (रामचरित मानस का पाठ करने वाली संगीत मंडली) पर तीन दिवसीय भव्य प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।