छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल सोमवार को शपथ ले रहे हैं। 2014 में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद बघेल ने अपने नेतृत्व में 15 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई। मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल के नाम के एलान के बाद से भिलाई तीन पदुमनगर स्थित उनके घर पर जश्न का माहौल है। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। इस मौके पर उनकी मां ने पुरानी यादों को ताजा किया।
मुख्यमंत्री बनकर पूरा किया वादा
माता बिंदेश्वरी बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी खुशी नहीं शब्दों में नहीं बता सकतीं। मां ने बताया, जब भूपेश ने 1980 में राजनीति का रूख किया था तो मैंने कहा था कि या तो तुम पढ़ाई कर लो या राजनीति। उनकी दो बहनें इंजीनियर थीं, लेकिन भूपेश का मन पढ़ाई में नहीं लगता था।
मां ने बताया कि तब भूपेश बघेल ने माता-पिता सहित पूरे परिवार को यह भरोसा दिलाया था कि वह एक दिन मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे। बिंदेश्वरी बघेल के मुताबिक दिल्ली जाने से पहले भूपेश बघेल ने उनके पैर छूते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री बनकर लौटूंगा। वह आगे कहती हैं कि प्रदेश में गरीबों और किसानों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि भूपेश जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।
पहले से ही जुझारू रहे हैं बघेल
पिता ने बताया कि कॉलेज के दिनों में भी भूपेश ने हड़ताल का नेतृत्व किया था। कॉलेज की कुव्यवस्था को उजागर करने के लिए चक्का जाम किया था। खुद कलेक्टर को आना पड़ा था। अब बेटे ने कांग्रेस की वापसी कराकर ही दम लिया।