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Chhattisgarh Bharat Mala Project Scam: ईओडब्ल्यू  और एसीबी का 20 ऑफिसर्स के ठिकानों पर छापेमारी

Fri, 25 Apr 2025 05:29 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

CG Bharatmala Project Scam:  ईओडब्ल्यू और एसीबी ने भारत माला प्रोजेक्ट में 220 करोड़ से ज्यादा के फर्जीवाड़े को लेकर रायपुर में रेड मारी है।
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जांच पड़ताल करती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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CG Bharatmala Project Scam:  ईओडब्ल्यू और एसीबी ने भारत माला प्रोजेक्ट में 220 करोड़ से ज्यादा के फर्जीवाड़े को लेकर रायपुर में रेड मारी है। करीब 20 अधिकारियों के यहां छापेमारी चल रही है। इन अधिकारियों में तहसीलदार, एसडीएम, पटवारी और राजस्व निरीक्षक समेत राजस्व विभाग के कई ऑफिसर शामिल हैं, जिनके ठिकानों पर जांच जांच पड़ताल चल रही है।

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ईओडब्ल्यू और एसीबी  की टीम ने सुबह नया रायपुर, अभनपुर, दुर्ग-भिलाई, आरंग सहित प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 20 ठिकानों पर दबिश दी है। टीम इस केस में फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेजों को खंगाल रही है। बताया जाता है कि इस छापेमारी में नगद,ज्वेलरी, जमीनों के दस्तावेज आदि कागजात मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में  ईओडब्ल्यू ने अपराध क्रमांक 30/2025 दर्ज किया है। कई आरोपियों के खिलाफ धारा 7C भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत 420, 467,468,471 और 120B दर्ज की गई है। फिलहाल टीम की जांच पड़ताल जारी है।

निलंबित पटवारी लेखराम के घर पर छापा 
निलंबित पटवारी लेखराम देवांगन के घर पर टीम ने छापा मारा है। इस प्रोजेक्ट में गड़बड़ी पाये जाने के बाद देवांगन को निलंबित किया गया था। घोटाले के उजागर होने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इससे  पूर्व जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को भी सस्पेंड किया गया था। निर्भय साहू समेत पांच अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक राशि की गड़बड़ी का आरोप है। 
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जानें क्या है भारत माला परियोजना घोटाला
भारत माला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में रायपुर से विशाखपट्टनम तक 950 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन और दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क बनाई जानी है। सड़क बनाने के लिये सरकार ने किसानों की जमीन अधिग्रहण किया है। नियम के मुताबिक, किसानों को मुआवजा दिया जाना है पर आरोप है कि अब तक कई किसानों को मुआवजा राशि नहीं मिली है। इस बात की चर्चा है कि अफसरों और दलालों ने किसानों को मिलने वाली मुआवजा राशि में बड़े पैमाने पर अनियमितता कर करोड़ों रुपयों की बंदरबांट की है। घोटाले की रकम करीब 43 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मामले में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2025 में इस मुद्दे को उठाकर सरकार को घेरा था। जिसके बाद इस मामले में सरकार ने जांच करवाने का फैसला लिया है। 


इनके यहां छापेमारी

  • अमरजीत सिंह गिल, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी,दुर्ग
  • शशिकांत कुर्रे- तहसीलदार, माना बस्ती रायपुर
  • लखेश्वर प्रसाद किरण- तहसीलदार, कटघोरा, बिलासपुर
  • लेखराम देवांगन- पटवारी, सेजबहार, रायपुर
  • अमरजीत सिंह गिल- ठेकेदार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी दुर्ग
  • हरजीत सिंह खनूजा- ठेकेदार, कचना रायपुर
  • जितेंद्र कुमार साहू- पटवारी, अभनपुर
  • दिनेश कुमार साहू- पटवारी, माना बस्ती रायपुर
  • निर्भय कुमार साहू- एसडीएम नवा रायपुर 
  • विजय जैन- कारोबारी, रायपुर
  • उमा तिवारी- महादेव घाट,रायपुर
  • दशमेश- तेलीबांधा गुरुद्वारा, रायपुर
  • हरमीत सिंह खनूजा- ठेकेदार, महासमुंद
  • योगेश कुमार देवांगन- जमीन दलाल, अश्वनी नगर,रायपुर
  • बसंती घृतलहरे- अभनपुर
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