छत्तीसगढ़ में भाजपा की नजर फिर एक बार सत्ता पर काबिज होने की है। पार्टी की नजर लगातार चौथी बार सत्ता का सूरज उगाने की है। मिशन 65+ को पूरा करने के लिए पार्टी कोई कसार नहीं छोड़ रही। सभी 90 विधानसभा सीटों पर पार्टी ने अपने उम्मीदवारों का एलान कर दिया है।
उम्मीदवारों की सूची पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि जीत का परचम लहराने के लिए पार्टी ने सभी समीकरणों को साधने का प्रयास किया है। प्रत्याशियों की इस सूची में महिला, युवा, जीतने की क्षमता के साथ-साथ जातिगत फैक्टर को भी प्राथमिकता दी गई है।
टिकट काटने से भी नहीं किया परहेज
पार्टी ने निर्वाचित होकर जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाले कई नेताओं के टिकट काटे हैं। टिकट गंवाने वाले नेताओं में नवीन मारकंडेय, गोवर्धन मांझी, श्रवण मरकाम, रमशीला साहू, भोजराज नाग, रूपकुमारी चौधरी और रामलाल चौहान, राजशरण भगत, रोहित साय, सुनिती राठिया, राजूसिंह क्षत्री, बद्रीधर दीवान, खेलावन साहू, युद्धवीर सिंह जूदेव, चुन्नीलाल साहू का नाम शामिल है।
कई नेताओं को दिया किस्मत आजमाने का दूसरा मौका
पार्टी ने कांटे की लड़ाई में काम अंतर से हारे कई नेताओं पर इस बार भरोसा जताया है। भीमा मंडावी, धनीराम बारसे, काशी साहू, पूनम चंद्राकर और कैलाश साहू, रजनी त्रिपाठी, सिद्धनाथ पैकरा,अनुराग सिंहदेव, ननकीराम कंवर, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, विजयनाथ सिंह, नंदकुमार साहू, चंद्रशेखर साहू, कोमल जंघेल, लता उसेंडी को इस चुनाव में फिर एक बार किस्मत आजमाएंगे।
नए चेहरों पर भी जताया भरोसा
पूर्व आईएएस ओपी चौधरी, हरिशंकर नेताम, मोनिका साहू, प्रो गोपालराम भगत, लीनव राठिया, विकास महतो, रजनीश सिंह, श्याम तांडी, डीसी पटेल, टेशु धुरंधर, पवन साहू और दीपक साहू, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पांडेय, रंजना साहू, चंद्रिका चंद्राकर, हिरेंद्र साहू, कंचनमाला भूआर्य, हीरा मरकाम को इस बार पहली बार चुनावी ताल ठोकते नजर आएंगे।