Raman Singh- Ajit Jogi- Bhupesh Baghel
छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर को दूसरे दौर का मतदान होने जा रहा है। राज्य के पांच मंडलों में सबसे ज्यादा 24 विधानसभा सीटें बिलासपुर मंडल में है। ये 24 सीटें दूसरे चरण में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। माना जा रहा है कि इन सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी ही सत्ता पर काबिज होगी।
पिछली बार हुए था कांटे का मुकाबला
2013 के विधानसभा चुनाव में बिलासपुर मंडल के पांच जिलों की 24 सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। भारतीय जनता पार्टी ने यहां की 24 सीटों में से 12, कांग्रेस ने 11 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक सीट पर जीत हासिल की थी। बसपा ने जैजैपुर सीट पर जीत दर्ज की थी जबकि दो विधानसभा सीटों पर दूसरे और सात विधानसभा सीटों पर तीसरे नंबर पर रही थी।
माया-जोगी फैक्टर डाल सकता है असर
बसपा ने इस बार अजीत जोगी की जनता कांग्रेस से गठबंधन किया है। बसपा मंडल की 24 सीटों में से 10 पर जबकि 14 सीटों पर जनता कांग्रेस ने उम्मीदवार खड़े किए हैं। माया- जोगी के इस गठबंधन ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस से प्रदेश की जनता त्रस्त हो चुकी और वह हमारे गठबंधन को विकल्प के रूप में देख रही है।
बसपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में करीब 6 फीसदी वोट हासिल किए थे। 2008 में बसपा को बिलासपुर मंडल में 6.11 फीसदी वोट मिले थे। 24 सीटों में से पांच अनुसूचित जनजाति और चार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
कांग्रेस ने 10 नए चेहरों को दिया मौका
बसपा से गठबंधन करने में नाकाम रही कांग्रेस पार्टी के मुताबिक माया-जोगी का गठबंधन कोई असर नहीं डालेगा। कांग्रेस ने 24 सीटों में से 10 पर नए चेहरों पर भरोसा जताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का कहना है कि कांग्रेस पार्टी बिलासपुर मंडल में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पिछली बार से ज्यादा सीटें जीतेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का इस क्षेत्र में प्रचार करना इसकी अहमियत दिखाता है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को सामने आएंगे।