देश में लागू लॉकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के हजारों छात्र राजस्थान के कोटा में फंस गए थे। छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए बसें भेजी थी। इस तरह मंगलवार को राज्य सरकार द्वारा भेजी गई 75 बसों में लगभग 2000 छात्र वापस लौटे हैं।
राज्य में वापस लौटने पर राजधानी रायपुर में इन छात्रों की कोविड-19 को लेकर स्क्रीनिंग की गई है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ तेजी से कोरोना मुक्त होने की तरफ बढ़ रहा है। रायुपर स्थित एम्स अस्पताल के अनुसार, राज्य में कोरोना के केवल तीन मामले सक्रिय हैं। अस्पताल ने बताया कि अब तक 34 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
बता दें कि राज्य से ये बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा गए हुए थे। लॉकडाउन के कारण छात्र कोटा में ही फंस गए थे। कोरोना के डर के चलते इन छात्रों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार राज्य सरकार से मांग की जा रही थी कि वह उन्हें यहां से घर वापस ले जाए। कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश और यूपी की सरकारें भी अपने राज्य के बच्चों को कोटा से वापस लेकर आई थी।
बताया गया है कि इन बच्चों को स्क्रीनिंग के बाद प्रशासन की तरफ से बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाएगा। जहां इन्हें 14 दिन गुजारने होंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि उनमें यदि कोरोना का संक्रमण हो तो वह उनके परिजनों में न फैले। यह भी बताया गया कि बच्चों को उन्हीं के जिलों में रखा जाएगा।
बता दें कि देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1543 नए मामले सामने आए हैं और 62 लोगों की मौत हो गई है, जो अब तक सर्वाधिक है।
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 29,435 हो गई है, जिसमें 21,632 सक्रिय हैं, 6,869 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 934 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोटा में फंसे छात्रों को लाने के लिए बिहार में छात्रों का प्रदर्शन
बिहार में राजस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विश्वविद्यालय के गेट के बाहर धरना दे रहे पटना विश्वविद्यालय के छात्रों को पुलिस ने हटा दिया है। इन छात्रों की मांग है कि बिहार सरकार कोटा में फंसे राज्य के हजारों छात्रों को वापस लाए। लॉकडाउन के मद्देनजर इलाके में पुलिस जवान तैनात थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन छात्रों को गेट से हटा दिया ताकि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन न हो।