छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आज सुबह हुयी मुठभेड़ में पुलिस ने तीन ईनामी वर्दीधारी हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया, जिनमें से एक की कांगेर घाटी एलजीएस डिप्टी कमांडर बाल सिंह के रूप में शिनाख्त की गयी है।
पुलिस ने मौके से तीन शव समेत भारी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की है। बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं दंतेवाड़ा एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि खुफिया सूत्रों से नक्सलियों के मौजूगदी की सूचना के बाद कटेकल्याण थाने से एएसआई संग्राम सिंह एवं एचसी भदरू के नेतृत्व में डीआरजी एवं एसटीएफ का 12 सदस्यीय बल रवाना किया गया था।
ग्राम लखापाल एवं तर्रेमपारा के मध्य घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने भी फौरन मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी की। लगभग एक घंटे की मुठभेड़ बाद अंतत: नक्सलियों के पैर उखड़ गए और वे घने जंगल व पहाड़ी की आड़ लेकर भाग गए।
नक्सलियों से भारी मात्रा में हथियार बरामद
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान तीन वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, जिनमें से एक की कांगेर घाटी एलजीएस कमांडर बालसिंह उफ मासा के रूप में शिनाख्त की गयी है, जो कनकीपारा बड़ेगुडरा का निवासी था, शेष की पहचान की जा रही है।
मासा की गिरफ्तारी पर 8 लाख रूपए का ईनाम घोषित किया गया था। मौके से एक 315 बोर कट्टा, दो भरमार बंदूक, बैनर, पोस्टर, दवाईयां, गोला-बारूद, डेटोनेटर, बिजली के तार, बैटरी, दैनिक उपयोग की सामग्रियां तथा नक्सली साहित्य का जखीरा बरामद किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों ने इस बात की पुष्टि की है कि मारे गए नक्सली मासा समेत तीनों नक्सलियों ने जीरम हमले में सक्रिय भूमिका निभायी थी। उस वक्त मासा कांगेर घाटी एरिया का एलजीएस डिप्टी कमांडर एवं दरभा डिवीजन का सक्रिय सदस्य था। तीनों नक्सलियों की सूची एनआईको भेजी जा रही है।
नए साल में मारे गए 18 नक्सली
अधिकारियों ने बताया कि इस साल की पहली तारीख से अब तक पुलिस ने मुठभेड़ों में भारी सफलता अर्जित करते हुए, बगैर किसी हानि के 18 हार्डकोर नक्सलियों को ढेर कर दिया है, जबकि तीन माह के अंतराल में 40 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता प्राप्त हुयी है।