भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नक्सलवाद को लेकर अपना रूख स्पष्ट करें।शाह ने नक्सल प्रभावित राजनांदगांव जिले के खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अंबागढ़ चौकी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के एक नेता कल आए थे और उन्होंने बयान दिया कि नक्सलवाद क्रांति है। नक्सलवादी देश में क्रांति कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष नक्सलवाद के मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करें। आप की पार्टी के नेता नक्सलवाद को क्रांति कहते हैं, आप क्या मानते हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने शनिवार को रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि गोलियां और बंदूकें नक्सलवाद का हल नहीं कर सकती है। धमकाकर, डराकर इस समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता है। ऐसे लोगों को नहीं रोका जा सकता है जिन्होंने क्रांति की शुरूआत कर दी है। हालांकि बब्बर ने इस मुद्दे पर अपनी सफाई भी दी थी।
शाह ने कहा कि क्रांति नक्सलवाद से नहीं होती है, किसी का खून बहाकर नहीं होती है, बम बंदूक और गोलियों से नहीं होती है। जब गरीब माताओं को गाय और भैंस देकर श्वेत क्रांति और दूध क्रांति करते हैं तब जाकर क्रांति होती है।
गरीब के पेट में भूख की आग लगती है और दो रुपए किलो में वहां चावल पहुंचता है तब जाकर क्रांति होती है। गरीब के घर में बीमारी होती है और आयुष्मान भारत योजना से गरीबों को पांच लाख रूपए तक इलाज का खर्चा मिलता है तब क्रांति होती है। जब किसान पसीना बहाता है और उसके फसल की डेढ़ गुना कीमत मिलती है तब क्रांति होती है।उन्होंने कहा कि वह छत्तीसगढ़ की जनता से कहने आए हैं कि कांग्रेस को नक्सलवाद के भीतर क्रांति दिखाई देती है और भाजपा को विकास के भीतर क्रांति दिखाई देती है।
उन्होंने कहा, कभी-कभी मैं राहुल बाबा को यहां देखता हूं। राहुल बाबा हर जगह घूमते हैं। उनके लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन क्षेत्र से ज्यादा कुछ नहीं है। यहां वह कहते हैं कि मेड इन छत्तीसगढ़ बनना चाहिए। राहुल गांधी आपका शासन 55 साल यहां रहा। छत्तीसगढ़ में क्या बना मुझे बताओ। आज यहां आदिवासी माताओं की बहनों की बनाई हुई चीजें देश-विदेश जा रही हैं। यहां बिजली की कमी हुआ करती थी अब यहां की बिजली देशभर में जा रही है। छत्तीसगढ़ सीमेंट का हब बन गया है। राहुल बाबा मैं आपको कहना चाहता हूं कि आप के समय में छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की भेंट चढ़ा हुआ था। रमन सिंह जी ने अपनी जान पर खेलकर छत्तीसगढ़ से नक्सलवादियों को भगाने का काम किया है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ का विकास हुआ है।
छत्तीसगढ़ में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होगा। पहले चरण में इस महीने की 12 तारीख को नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों और राजनांदगांव जिले के 18 जिलों में मतदान होगा। वहीं शेष 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा।