छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश हुई। एक दो जगहों पर भारी से भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं एक-दो जगहों पर भारी वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 30.3 डिग्री सेल्सियस तापमान जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया।
कैसा रहा शुक्रवार का दिन
प्रदेश में शुक्रवार का दिन बादल छाये रहने और हल्की बारिश के नाम रहा । प्रदेश में सबसे अधिक 30.3 डिग्री सेल्सियस तापमान जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया।
कहां पर कितनी हुई बारिश? ( आंकड़े सेमी. में )
कुसमी-28, चांदो, सामरी-14, कुनकुरी 12, तमनार, रामानुजगंज-9, बगभा, कांसाबेल, सन्ना, रायगढ़-8, बलरामपुर, करतला, दर्री, लैलूंगा, मुकडेगा, छाल, पुसौर, घरघोड़ा, पत्थलगांव -7, जशपुरनगर, राजपुर, भैसमा, डौरा कोचली, कटघोरा, बसना, पौडी उपरोरा , चंद्रपुर, बगीचा, बरपाली -6, वांड्राफनगर, मनोरा, कापू, ओडगी, बारमकेला, रामचन्द्रपुर, बिहारपुर, सारंगढ़, मालखरौदा, धभरा, सोनहत, चलगली, नया बाराद्वार, हरदीबाजार, बेलगहना, रामानुजनगर, शंकरगढ़, भैयाथान, प्रतापपुर, मैनपाट, सरायपाली -5, सूरजपुर, पाली, पचपेड़ी, भटगांव, रघुनाथ नगर, मस्तूरी, लटोरी, भटगांव, कोरबा, बिलाईगढ़, पटना, बलौदा, बेलतरा-4 से.मी तथा अनेक स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई।
कल के लिये पूर्वानुमान
प्रदेश में कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है।
30 अक्टूबर के लिये चेतावनी
छत्तीसगढ़ में एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने के संकेत हैं।
दो दिनों बाद मौसम में बदलाव के संकेत
छत्तीसगढ़ में एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने के संकेत हैं। प्रदेश में आगामी दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3-5°C की वृद्धि होने की संभावना है।
कल कैसा रहेगा रायपुर का मौसम
31 अक्टूबर को आकाश में सामान्यतः मेघमय रहने के साथ एक-दो बार बारिश होने या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30 डिग्री सेल्सियस और 21 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है।
सिनोप्टिक सिस्टम सक्रिय
(1)उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक 'निम्न दबाव वाले क्षेत्र' बना हुआ है तथा इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
(2) दक्षिणी अंडमान सागर और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर 'निम्न दबाव वाला क्षेत्र' स्थित है । इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
(3) उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर स्थित 'निम्न दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण तक एक द्रोणिका समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर बनी हुई है।
कल के लिए पूर्वानुमान: प्रदेश में कुछ स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है ।